यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस का एक्शन, बसों में शुरू हुआ सघन निरीक्षण
दिल्ली पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों की सघन जांच शुरू की है। जानें क्या हैं नए नियम और सुरक्षा मानक।

दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 29 अक्टूबर, 2026 से बसों में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। डीसीपी साउथ दिल्ली के कार्यालय ने सोशल मीडिया के जरिए इस पहल की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस अब बसों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी ताकि यात्री खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 अक्टूबर, 2026 को जारी किए गए उन निर्देशों के बाद की जा रही है, जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइंस दी गई थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बसों, कैब, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा में बीट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और स्टाफ का वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाए।
सुरक्षा मानकों पर पुलिस की पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बस चालक और स्टाफ के पास वैध लाइसेंस, निर्धारित यूनिफॉर्म और अनिवार्य पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज मौजूद हैं या नहीं। इसके अलावा, वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि:
- व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइसेस (VLTD) और पैनिक बटन पूरी तरह काम कर रहे हों।
- बसों में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और फर्स्ट-एड किट मौजूद हों।
- वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट वैध हों और वे प्रदूषण मानकों का पालन कर रहे हों।
- बसों की खिड़कियों पर कोई अनधिकृत फिल्म या पर्दे न लगे हों।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि सड़कों पर होने वाली घटनाओं को रोकने की एक सोची-समझी रणनीति है। इससे पहले 10 अक्टूबर को चिल्ला बॉर्डर पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। अब रियल-टाइम सर्विलांस और बुनियादी ढांचे की निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बसें केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों से ही संचालित हों।