दिल्ली की बसों में अब सफर होगा सुरक्षित, पुलिस ने शुरू किया विशेष चेकिंग अभियान

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस अब बेहद सख्त नजर आ रही है। दिल्ली बस सुरक्षा अभियान के तहत अब राजधानी की सड़कों पर चलने वाली बसों की नियमित जांच की जाएगी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ने 5 अक्टूबर, 2026 को इस मुहिम की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद की जा रही है। दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में यौन शोषण के मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए अदालत ने 28 सितंबर, 2026 को कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन को 'हाई रिस्क जोन' नहीं रहने दिया जा सकता। इसी के चलते पुलिस अब संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रही है और बसों में सीसीटीवी कैमरों व लाइटिंग का ऑडिट कर रही है।
ट्रैफिक पुलिस का एक्शन और नाइट पेट्रोलिंग
सुरक्षा की यह कवायद केवल कागजों तक सीमित नहीं है। 2 अक्टूबर को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वाली 154 बसों का चालान काटा गया और दो वाहनों को जब्त किया गया। ट्रैफिक जोन-II के एडिशनल सीपी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि खतरनाक ड्राइविंग को रोकने के लिए यह सख्ती जारी रहेगी। इसके अलावा, शहर के 64 संवेदनशील इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक गश्त बढ़ा दी गई है, जिनमें से 35 इलाके अकेले दक्षिण जोन में आते हैं।
दूसरी ओर, परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने भी बसों के लिए कड़े मानक तय किए हैं। अब सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन का चालू होना अनिवार्य है। साथ ही, बसों की खिड़कियों से पर्दे और टिंटेड ग्लास हटाने के आदेश दिए गए हैं। ड्राइवरों के लिए यूनिफॉर्म पहनना, वैध लाइसेंस रखना और संवेदनशीलता प्रशिक्षण (Sensitivity Training) लेना जरूरी कर दिया गया है, ताकि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी न हो।