जंतर मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने तैनात किए बॉडी कैमरा

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर जब CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, तो वहां सुरक्षा का नजारा कुछ अलग था। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस बार हाई-टेक बॉडी कैमरों का सहारा लिया। इन कैमरों के जरिए पुलिस कर्मियों की हर गतिविधि और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को रिकॉर्ड किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या गलत आरोप की स्थिति में पुख्ता सबूत मौजूद रहें।
नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा की निगरानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई थी, ताकि कोई भी गैरकानूनी जमावड़ा न हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बॉडी कैमरों का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम जनता, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये कैमरे कम रोशनी और अंधेरे में भी साफ रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं। खास बात यह है कि इस बार केवल बड़े अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि निचले रैंक के जवानों को भी ये कैमरे दिए गए हैं।
निगरानी के लिए ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल
जंतर मंतर पर केवल बॉडी कैमरे ही नहीं, बल्कि निगरानी के लिए तकनीक का पूरा जाल बिछाया गया था। पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल कर पूरी स्थिति पर नजर रखी। खबर है कि पुलिस ने संभावित प्रदर्शनकारियों का एक डेटाबेस भी तैयार किया था और अन्य राज्यों के साथ तालमेल बिठाया ताकि बाहरी प्रदर्शनकारियों की आमद को रोका जा सके। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारियों को रोकने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया।
पुलिस द्वारा इस स्तर की सख्ती और तकनीक के इस्तेमाल के पीछे कुछ पुराने विवाद भी बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे थे। हाल ही में एक 24 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिसने एआई (AI) की मदद से एक फर्जी वीडियो बनाया था, जिसमें एक पुलिस अधिकारी को महिला के साथ गलत व्यवहार करते दिखाया गया था। ऐसे फर्जीवाड़े और गलत आरोपों से बचने के लिए अब दिल्ली पुलिस हर कदम को रिकॉर्ड कर रही है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन में CJP अध्यक्ष अभिजीत डिपके की भूमिका भी चर्चा में रही।