गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहनकर प्रवेश का दावा गलत, दिल्ली पुलिस ने कहा- दुर्भावनापूर्ण तरीके से फैलाया गया वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दिल्ली पुलिस के जवानों को गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर जूते पहने हुए दिखाया गया है। इस वीडियो ने काफी विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सामने आकर इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि इस क्लिप को जानबूझकर और गलत इरादे से फैलाया गया है ताकि लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा सके और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ा जा सके।
डीसीपी नई दिल्ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले की पूरी सच्चाई साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी उस सामान्य रास्ते (कॉमन पैसेज) पर चल रहे थे, जिसका इस्तेमाल सभी श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने वाले स्थान तक पहुँचने के लिए करते हैं। पुलिस के मुताबिक, यह प्रक्रिया हर उस श्रद्धालु के लिए एक जैसी है जो गुरुद्वारे में आता है। पुलिस ने यह भी कहा कि वीडियो को केवल एक हिस्से से दिखाकर गलत मतलब निकाला गया है और इस साजिश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
राजधानी में भारी पुलिस बल की तैनाती और प्रदर्शनकारियों की हिरासत
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया जब दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी थी। शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर की ओर कूच कर रहे थे। चुनाव नामावली के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी के कई प्रमुख प्रवेश द्वारों पर कड़ी सुरक्षा तैनात की थी और सघन वाहन चेकिंग की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर मंतर पहुंचने की कोशिश करने वाले करीब 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, एइसा (AISA) नेता नेहा बोरा और सीजेपी के कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल थे।
हिरासत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है और प्रदर्शनकारियों को डराया नहीं जा सकता। वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि उन्हें और पांच सांसदों को हिरासत में लेकर करीब दो घंटे तक पुलिस वैन में घुमाया गया। हालांकि, शाम तक दिल्ली पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया, लेकिन सीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।