जनपथ पर विरोध प्रदर्शन बैन: दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके की हिरासत को बताया सही

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जनपथ पर विरोध प्रदर्शन बैन: दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके की हिरासत को बताया सही

देश की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने जनपथ पर होने वाले एक प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया, जिस पर अब पुलिस ने अपनी सफाई पेश की है।

दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि जनपथ पर प्रदर्शन की अनुमति न देने के पीछे कई अहम कारण थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। साथ ही, इस समूह का पुराना रिकॉर्ड भी चिंताजनक रहा है, जिसमें पूर्व के प्रदर्शनों के दौरान भारी पत्थरबाजी, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी गंभीर घटनाएं शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, यह समूह कानूनी निर्देशों और समझौतों का पालन करने में विफल रहा है। शहर की सुरक्षा और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए दिल्ली के कई इलाकों में धारा 133 BNSS लागू की गई है, जिसके तहत किसी भी तरह के अनधिकृत जमावड़े या विरोध प्रदर्शन पर रोक है।

मानवीय दृष्टिकोण और एक्टिविस्ट का पलटवार

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हिरासत के दौरान एक भावुक पहलू भी सामने आया। डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि जब पुलिस को पता चला कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है, तो अधिकारियों ने तुरंत उनके पास जाकर यह दुखद खबर दी। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे पूछा कि क्या उन्हें फ्लाइट बुक करने, फोन कॉल करने या किसी अन्य प्रकार की मदद की जरूरत है। पुलिस ने उन्हें उनके माता-पिता से बात करने का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन दिपके ने इन सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया।

दूसरी ओर, अपनी दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके (85 वर्ष) के निधन के शोक के बावजूद, अभिजीत दिपके ने अपने संघर्ष को जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि व्यक्तिगत त्रासदी या राजनीतिक दबाव उन्हें अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटा पाएंगे। दिपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है जिसमें विरोध प्रदर्शन न करने की बात हो, और वे जल्द ही दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।

गौरतलब है कि हिरासत से छूटने के बाद CJP ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की, जिसमें अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

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