दिल्ली पुलिस पर छात्रा ने लगाया बर्बरता का आरोप, केरल में दर्ज हुई Zero FIR

देश की राजधानी दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक लॉ छात्रा और NSUI कार्यकर्ता, अथिरा विजयन ने दावा किया है कि मंगलवार को कनॉट प्लेस के पास हुए एक प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बेहद बर्बरता की। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और केरल में एक जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है।
शिकायत के मुताबिक, अथिरा और अन्य प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। छात्रा का आरोप है कि उन्हें एक बस के जरिए कनॉट प्लेस ले जाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन बाहर निकाला और सड़क पर ही उनके साथ मारपीट की। अथिरा ने अपनी शिकायत में बताया कि पुलिस ने उनके चेहरे पर वार किया, उनके हाथ पीछे बांधकर उन्हें लात मारी और उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। साथ ही, उनका फोन भी छीनने का प्रयास किया गया।
अस्पताल में इलाज और कानूनी कार्रवाई
इस कथित हमले में अथिरा की गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें दिल्ली के हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद उन्होंने केरल राज्य पुलिस प्रमुख को शिकायत भेजी, जिसे तिरुवनंतपुरम सिटी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के माध्यम से म्यूजियम पुलिस स्टेशन भेजा गया। पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इस घटना के अगले ही दिन अथिरा को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ देखा गया, जहां उन्होंने मीडिया से बात की। वहीं, NSUI कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। यह पूरा मामला अब कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच पुलिसिया कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर एक बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है।