दिल्ली पुलिस ने बड़े फर्जीवाड़े में एक शातिर ठग को किया गिरफ्तार, नेता का जीवनसाथी बनकर की ठगी

दिल्ली पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भलिंदर पाल सिंह के रूप में हुई है, जिसे भलिंदर सिंह, जीएस बाकी और जसराज सहगल के नाम से भी जाना जाता है। इस आरोपी ने एक स्थानीय व्यवसायी से 1, 69, 389 रुपये की ठगी की थी।
- द्वारका के व्यवसायी से 1.69 लाख रुपये की ठगी की गई।
- आरोपी ने खुद को एक बड़े राजनेता का जीवनसाथी बताया।
- पुलिस ने आईपी एड्रेस और तकनीकी मदद से आरोपी को पकड़ा।
- आरोपी के खिलाफ पहले से 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कैसे दिया ठगी की घटना को अंजाम
शिकायतकर्ता इंदर सिंह नागपाल, जो द्वारका के सेक्टर 6 स्थित ग्लेशियर हॉलिडेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं, को आरोपी ने अपना निशाना बनाया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने एक छात्र की फीस के जरूरी भुगतान का बहाना बनाकर नागपाल से संपर्क किया था। आरोपी ने कहा था कि उसके नियमित कर्मचारी छुट्टी पर हैं और राजनेता के कार्यालय से पैसे तुरंत वापस मिल जाएंगे। अपनी बात को सही साबित करने के लिए आरोपी ने एक एसयूवी गाड़ी का इस्तेमाल किया और अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर अशोक स्तंभ की तस्वीर लगाई। इसके अलावा, उसने अपनी कहानी को पुख्ता करने के लिए दिल्ली से लखनऊ की एयर इंडिया की उड़ान की बुकिंग भी की थी।
पुलिस कार्रवाई और फर्जी पहचान का खुलासा
पीड़ित द्वारा बताए गए खातों में पैसे ट्रांसफर होने के बाद नागपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस ने व्हाट्सएप अकाउंट को ट्रैक किया, जिसे गुरुग्राम में फर्जी पहचान और अधूरे पते पर लिए गए सिम कार्ड से चलाया जा रहा था। आईपी एड्रेस को ट्रैक करके और लगभग 120 घरों की तलाशी लेकर अधिकारियों ने आरोपी को ढूंढ निकाला, जो जसराज सहगल के नाम से रह रहा था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एक ही पहचान संख्या वाले दो आधार कार्ड बरामद किए, जिससे उसकी असली पहचान भलिंदर पाल सिंह के रूप में पक्की हुई।
आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में सामने आया कि भलिंदर पाल सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और जेल अधिनियम के उल्लंघन के 25 मामले लंबित हैं। गिरफ्तारी के समय वह चार अलग-अलग मामलों में घोषित अपराधी था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी थे।