दिल्ली पुलिस ने IGI एयरपोर्ट में केबिन क्रू नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 32 वर्षीय एक व्यक्ति को एक महिला से फर्जी केबिन क्रू नौकरी के नाम पर 3 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने 8 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी। राजीव कुमार, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट का कर्मचारी बनकर रहता था, उसे पिछले साल दर्ज की गई एक शिकायत की जांच के बाद 6 अगस्त 2026 को दिल्ली के मधु विहार से गिरफ्तार किया गया।
- शिकायतकर्ता सोमती (शिव विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली की निवासी) ने 3 दिसंबर 2025 को साइबर पुलिस स्टेशन, उत्तर-पूर्वी जिले में ई-एफआईआर दर्ज कराई थी।
- आरोपी राजीव कुमार ने जुलाई 2024 में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करके महिला के 20 वर्षीय बेटे को केबिन क्रू पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया था।
- 17 सितंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच 16 UPI और PhonePe ट्रांजैक्शन के जरिए सुरक्षा जमा (security deposits), दस्तावेजों और भर्ती औपचारिकताओं के नाम पर 3 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए थे।
- रुपये मिलने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पीड़ित को ब्लॉक कर दिया, चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी और बातचीत के लिए इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड नष्ट कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के समय मधु विहार में Blinkit स्टोर पर सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे कुमार ने पूछताछ के दौरान नौकरी चाहने वालों का भरोसा जीतने के लिए जानबूझकर एयरपोर्ट कर्मचारी होने का नाटक करने की बात कबूल की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उसके इस बयान की पुष्टि की है। इस घटना से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और इंडिगो जैसी एयरलाइंस द्वारा दी गई उन चेतावनियों पर प्रकाश पड़ता है, जो सोशल मीडिया या अनौपचारिक चैनलों के माध्यम से प्रसारित होने वाले नौकरी के विज्ञापनों के खिलाफ जनता को सतर्क करती हैं।
अधिकारियों की चेतावनी
दोनों संगठन इस बात पर जोर देते हैं कि आधिकारिक भर्तियां योग्यता के आधार पर होती हैं, उनकी संबंधित वेबसाइटों पर घोषित की जाती हैं, और इसमें कभी भी पैसे की मांग या इंटरव्यू के लिए शुल्क शामिल नहीं होता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और लोगों से सोशल मीडिया पर फर्जी नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की गई है।