रोहित चौधरी गैंग का खतरनाक बदमाश आज़म राजस्थान से गिरफ्तार, एक साल से थी तलाश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-गांग्स्टर स्क्वाड (AGS) ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को रोहित चौधरी गैंग के कुख्यात सदस्य आज़म को गिरफ्तार कर लिया है। आज़म दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन का 'बैड कैरेक्टर' है और सितंबर 2025 में पुलिस कस्टडी से भागने के बाद से फरार चल रहा था। अलवर, तिजारा और भिवाड़ी में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद राजस्थान के टपूकड़ा में उसे गिरफ्तार किया गया। आज़म पर दिल्ली में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पांच मामलों में वांक्षित था।
आपराधिक इतिहास और अवैध हथियार सप्लाई
आज़म का क्रिमिनल रिकॉर्ड साल 2012 से शुरू होता है, जिसमें चोरी, डकैती, मारपीट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के कई मामले शामिल हैं। साल 2017 में कारजैकिंग के मामले में जेल जाने के दौरान वह रोहित चौधरी गैंग में शामिल हुआ था। वह गैंग के सदस्यों और अन्य अपराधियों को अवैध हथियारों की सप्लाई करने में मदद करता था। दिल्ली में उसके खिलाफ चोरी, डकैती, पुलिसकर्मियों पर हमला और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने जैसे मामलों में तलाश थी।
पुलिस कस्टडी से फरार होने और गिरफ्तारी की पूरी कहानी
सितंबर 2025 में जब पुलिस टीम एक नॉन-बैलेबल वारंट लेकर गई थी, तब आज़म ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल को नुकसान पहुंचा था। महीनों की टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। जब पुलिस ने उसे घेरा, तो आज़म ने बचने के लिए छतों से कूदने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।