बड़ी कार्रवाई! दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा अभियान में 379 लोगों को किया गिरफ्तार

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। दिल्ली पुलिस ने 22 और 23 सितंबर 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 379 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस के सेंट्रल रेंज द्वारा की गई है और अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित एरिया-डोमनेशन प्रोग्राम का हिस्सा है। इन लोगों को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत पकड़ा गया है। इसके अलावा दिल्ली आबकारी अधिनियम, COTPA, जुआ अधिनियम, BNSS और POCSO अधिनियम के तहत भी अन्य कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस दौरान 33 संदिग्ध लोगों की भी जांच की है।
महिला सुरक्षा के लिए कड़े कदम और बैठक
संयुक्त सीपी (सेंट्रल) मधुर वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक जगहें आम लोगों के इस्तेमाल के लिए हैं और इन्हें किसी भी गैरकानूनी गतिविधि या उपद्रवियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। महिला सुरक्षा से जुड़े उपायों की समीक्षा के लिए स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की है।
पार्कों का सुरक्षा ऑडिट और उपराज्यपाल के आदेश
आस्था कुंज पार्क में कथित सामूहिक बलात्कार जैसी हालिया घटनाओं के मद्देनजर, दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने एक हफ्ते के भीतर शहर के सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है। उपराज्यपाल ने पार्कों के आसपास 'पिंक पुलिस' कर्मियों को तैनात करने का भी निर्देश दिया है और दिल्ली पुलिस को गोवा पुलिस की 'पिंक फोर्स' की तर्ज पर महिलाओं के लिए एक समर्पित गश्त इकाई बनाने को कहा है।
विशेष गश्त दल और महिला पुलिस स्टेशन
दिल्ली पुलिस सार्वजनिक जगहों पर कमियों जैसे अंधेरे कोने, टूटी हुई फेंसिंग और कमजोर एंट्री पॉइंट की पहचान के लिए सुरक्षा ऑडिट कर रही है। सार्वजनिक जगहों पर छेड़छाड़ रोकने के लिए 'ऑपरेशन शिव हार' चलाया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पिंक स्कूटर पर ऑल-वुमन गश्ती टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम दिल्ली में डीसीपी आकांक्षा यादव के नेतृत्व में महिला पुलिस अधिकारियों ने बाजारों और पार्कों में विशेष गश्त की। राजधानी के सब्जी मंडी इलाके में महिलाओं के लिए पहले सभी महिला पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया गया है, जिसमें सभी अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं। दिल्ली पुलिस इस मॉडल को सभी जिलों में लागू करने की योजना बना रही है। इस सुरक्षा ऑडिट और नागरिक सुधार पहल में MCD और DDA भी शामिल हैं।