दिल्ली पुलिस ने 1994 के एक चर्चित दोहरे हत्याकांड और डकैती के मामले में तीन दशकों से फरार चल रहे 48 वर्षीय एक भगोड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम ललित है, जिसे छोटू या भोला के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस ने उसे पिछले हफ्ते दिल्ली के मंगोलपुरी फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में पैकेजिंग मजदूर के रूप में काम करते समय हिरासत में लिया। इस मामले की शुरुआत साल 1994 में पूर्वी दिल्ली के एक आश्रम में हुई थी, जहां दो साध्वियों की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद शकरपुर पुलिस स्टेशन में हत्या, डकैती और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ललित को अदालत द्वारा 26 अक्टूबर 1995 को आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया गया था।
स्पेशल सीपी क्राइम एचजीएस धालीवाल के अनुसार, ललित इस दोहरे हत्याकांड में मुख्य शामिल था और उसे लूटे गए नकदी और गहनों में से हिस्सा भी मिला था। इस मामले में उसके तीन साथियों- सुशील, सुनील और दिलीप को घटना के लगभग आठ महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, जिन्हें बाद में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं, एक अन्य सह-आरोपी गंगाधर की करीब तीन साल पहले गिरफ्तारी से बचते हुए मौत हो चुकी है। अपराध शाखा की सेंट्रल रेंज ने इस तीन दशक पुराने मामले की फाइलों को इस साल की शुरुआत में फिर से खंगालना शुरू किया था, जिससे इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी।
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी ललित साल 2017 में शादी करने के लिए अपने पैतृक गांव जनार्दनपुर, समस्तीपुर, बिहार गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह शादी जांच के लिए एक बहुत बड़ा सुराग साबित हुई, क्योंकि ग्रामीणों को इस शादी और ललित की पत्नी की पहचान अच्छी तरह याद थी। पुलिस ने उसकी पत्नी का पता लगाकर अंततः दिल्ली में छिपे ललित को ढूंढ निकाला। वह अपनी असली पहचान और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर विभिन्न निर्माण इकाइयों में काम कर रहा था और बिल्कुल सामान्य जीवन जी रहा था, जिससे उसने गिरफ्तारी से पहले अपने नियोकताओं से अपने आपराधिक इतिहास को पूरी तरह छुपा कर रखा था।