दिल्ली पुलिस ने नोएडा से साइबर निवेश धोखाधड़ी रैकेट का किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की द्वारका साइबर सेल ने एक बड़े निवेश धोखाधड़ी मामले में नोएडा के सेक्टर 137 स्थित एक रिहायशी हाउसिंग सोसाइटी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जैतपुर निवासी 28 वर्षीय पीयूष बाला, उडुपी निवासी 32 वर्षीय भरत जी पूजारी और उत्तर प्रदेश निवासी 24 वर्षीय सूरज कुमार के रूप में हुई है। यह जांच द्वारका साइबर पुलिस स्टेशन में 19 जुलाई को दर्ज एक ई-एफआईआर के बाद शुरू हुई, जो द्वारका के सेक्टर 16 में रहने वाली एक महिला की शिकायत पर शुरू की गई थी। द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह के अनुसार, पीड़िता को जून में सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए मिले 'फंड्स इन्वेस्ट' नामक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के बाद स्टॉक मार्केट घोटाले में फंसाया गया था।
पीड़िता ने ठगों को कुल 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही, जिसमें 16 जुलाई को उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते में जमा 3 लाख रुपये और 19 जुलाई को डीसीबी बैंक खाते में भेजे गए अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये शामिल हैं। पुलिस जांच में तकनीकी और वित्तीय सुरागों का उपयोग करके डीसीबी बैंक खाते के लाभार्थी का सफलतापूर्वक पता लगाया गया, जिससे संदिग्धों को उनके नोएडा ठिकाने तक ट्रैक किया गया।
गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने 40 मोबाइल फोन, 146 सिम कार्ड, 86 डेबिट कार्ड, तीन लैपटॉप और पासबुक, चेक बुक व वेलकम किट सहित विभिन्न बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि ये तीनों टेलीग्राम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से संचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक बैंकिंग हार्डवेयर और मोबाइल उपकरण की आपूर्ति करते हुए खाता लॉगिन और भुगतान सत्यापन का प्रबंधन करते थे। इस मामले को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319, 61(2) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।