ड्रग्स तस्करी मामला: दिल्ली पुलिस ने नाइजीरियाई नागरिक समेत 3 को दबोचा, कोकीन और हेरोइन बरामद

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स सेल ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाइजीरियाई नागरिक और दो टैक्सी ड्राइवर शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कोकीन, हेरोइन और MDMA जैसी प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई। 12 अक्टूबर की रात करीब 8:10 बजे पुलिस को खबर मिली कि रिंग रोड पर कश्मीरी गेट फुट ओवरब्रिज के पास दो संदिग्ध व्यक्ति आने वाले हैं। एसीपी (ऑपरेशंस) विशेष धत्तरवाल के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर आशीष दुबे की निगरानी में एक टीम ने इलाके की घेराबंदी की। रात करीब 9:15 बजे पुलिस ने अच्छे बाबू और जाहिद नाम के दो युवकों को दबोच लिया, जो एक मारुति वैगनआर टैक्सी में सवार थे। तलाशी के दौरान इनके पास से 16.4 ग्राम कोकीन और 90 ग्राम हेरोइन मिली।
टैक्सी ड्राइवर बन रहे थे ड्रग्स के डिलीवरी बॉय
कश्मीरी गेट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। अच्छे बाबू और जाहिद ने बताया कि वे टैक्सी ड्राइवर हैं और उनकी मुलाकात काजेतन चुक्वुजेकवू नाम के एक नाइजीरियाई नागरिक से हुई थी। काजेतन ने पहले उनकी टैक्सी किराए पर ली और फिर उन्हें ड्रग्स की डिलीवरी करने के लिए राजी कर लिया।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने 13 अक्टूबर को महरौली इलाके में छापेमारी की और काजेतन को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 5.7 ग्राम कोकीन और 15.3 ग्राम MDMA बरामद हुई, जिसे कमर्शियल क्वांटिटी माना जाता है। पूछताछ में पता चला कि काजेतन 2022 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी वह अवैध रूप से महरौली में किराए के कमरे में रह रहा था।
जांच के दौरान एक और नाइजीरियाई नागरिक 'अमेका' का नाम सामने आया है, जो इस गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद वह अब तक फरार है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ये नशीले पदार्थ कहां से आ रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।