21 करोड़ का फर्जीवाड़ा: दिल्ली पुलिस EOW ने मुंबई से आरोपी कुशल मेहता को दबोचा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ऑपरेशन के बाद 21 करोड़ रुपये के जालसाजी रैकेट के मास्टरमाइंड कुशल समीर मेहता को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को बोरीवली रेलवे स्टेशन से तब दबोचा, जब वह लंबे समय से कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए फरार चल रहा था। कुशल के खिलाफ अदालत ने कई समन और वारंट जारी किए थे, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर करोड़ों हड़पने की साजिश
कुशल समीर मेहता पर दिल्ली में दो मुख्य मामले दर्ज हैं, जिनमें उसने बेहद शातिराना तरीके से धोखाधड़ी की। पहले मामले (FIR 109/2022) में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने शिकायत की थी कि आरोपी ने करीब 18.62 करोड़ रुपये के सरकारी भुगतान हड़पने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि उसने फर्जी ट्रेजरी दस्तावेज और जाली मंजूरी पत्र तैयार किए थे, ताकि 'मैसर्स एंडीज क्रिएशन' को 7.62 करोड़ और 'मैसर्स एसेन्ज़ा न्यूट्रिशन प्राइवेट लिमिटेड' को 11 करोड़ रुपये दिला सके। हालांकि, आंतरिक ऑडिट के दौरान इन कागजों के फर्जी होने की पुष्टि हो गई और भुगतान रोक दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने बैंकों को गुमराह करने के लिए रक्षा और सेना के फर्जी सप्लाई ऑर्डर भी दिखाए थे।
दूसरे मामले (FIR 118/2025) में अहमदाबाद के एक व्यवसायी ने आरोप लगाया कि कुशल ने उसे सरकारी संपर्कों का झांसा देकर 3.12 करोड़ रुपये ठगे। आरोपी ने खुद को रसूखदार दिखाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, न्यायिक संस्थानों और बैंकों के फर्जी लेटरहेड और जाली मोहरों का इस्तेमाल किया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए अपनी लोकेशन छिपा रहा था, लेकिन फोन रिकॉर्ड्स और लोकेशन डेटा की बारीकी से जांच करने के बाद EOW की टीम उसे मुंबई में ट्रैक करने में कामयाब रही। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस बड़े खेल में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था।