जंतर मंतर पर हंगामा: शांति भंग करने के आरोप में CJP के 3 कार्यकर्ता गिरफ्तार

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर हंगामा: शांति भंग करने के आरोप में CJP के 3 कार्यकर्ता गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन लोगों ने बार-बार सार्वजनिक शांति को बाधित करने, कानून का उल्लंघन करने और सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को भी ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश की। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे शामिल हैं।

यह पूरा मामला 13 अक्टूबर की सुबह का है। पुलिस के मुताबिक, इन तीन कार्यकर्ताओं समेत CJP के कुल 14 सदस्य निजी परिसर के रास्ते जंतर मंतर के उस विरोध स्थल में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिसे अब डिनोटिफाई (denotified) कर दिया गया है। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डाली। इसके बाद पुलिस ने सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया।

दो कार्यकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

इस घटना के बाद पुलिस ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि सौरव दास और आशुतोष रंका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि अगर इन्हें जमानत दी गई, तो ये फिर से कानून तोड़ने और दूसरों को भड़काने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं, अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति और अच्छे व्यवहार बनाए रखने के लिए 5,000 रुपये के निजी बॉन्ड और जमानत पर रिहा किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद विवाद भी शुरू हो गया है। CJP सदस्य अभिजीत दिपके ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश में तिरंगा फहराना इतना बड़ा गुनाह हो गया है कि लोगों को जेल भेजना पड़ रहा है? उन्होंने इसे "अनौपचारिक इमरजेंसी" करार दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भजवाज ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे "तानाशाही" बताया। कार्यकर्ताओं की पैरवी कर रहे वकील अभिशिप्त हेला ने भी इस कानूनी कार्रवाई के आधार पर सवाल उठाए हैं और इसे असहमति को दबाने का प्रयास बताया है।

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