ADCP विवेक भगत का AI फेक पोस्टर बनाने वाला गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने ADCP विवेक भगत का आपत्तिजनक और फर्जी AI-जनरेटेड पोस्टर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह पोस्टर किसी अचानक की गई गलती का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। अधिकारियों को शक है कि इस पूरे खेल में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यौन उत्पीड़न के आरोपों और विवादों के बीच मामला गरमाया
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ADCP विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे। 3 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद तीन महिला पत्रकारों ने औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं, जिन्हें आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इसी बीच, 5 अक्टूबर 2026 को विवेक भगत को ADCP के पद पर पदोन्नत किया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। CJP के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं, सौरव दास और रत्ना सिंह ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।
इसी तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज और पोस्टर वायरल हुए, जिसमें ADCP भगत और 'रोजी' नाम की एक पत्रकार के बीच कुछ घटनाक्रम दिख रहे थे। हालांकि, 4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस और PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि यह फुटेज और पोस्टर पूरी तरह से AI द्वारा निर्मित और हेरफेर किए गए थे। पुलिस ने जनता को चेतावनी दी थी कि ऐसी भ्रामक सामग्री साझा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस ने 'ग्राउंड ट्रुथ मीडिया' (Ground Truth Media) नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट का पता लगाया, जिसके जरिए इस भ्रामक सामग्री को फैलाया जा रहा था। इस अकाउंट के संचालन में शामिल रोहित कुमार की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, यौन उत्पीड़न के मूल आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है और पुलिस ने जनता से इस मामले से जुड़े किसी भी वास्तविक वीडियो साक्ष्य को साझा करने की अपील की है।