बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा

दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने 'ऑपरेशन विस्टा 1.0 (वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन)' अभियान के तहत डबल एंट्री वीजा की शर्तों का उल्लंघन करने वाले 11 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एटीएस) ने इस वेरिफिकेशन ड्राइव को चलाया, जिसके तहत 3-4 अगस्त 2026 की दरमियानी रात को यह गिरफ्तारियां की गईं। इस विकास की रिपोर्ट 5 अगस्त 2026 को दी गई थी (Source: ANI)। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वीजा नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
- दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एटीएस टीम ने 11 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा।
- यह कार्रवाई 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत की गई है।
- इन सभी पर डबल एंट्री वीजा के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
वीजा अवधि का उल्लंघन
जांच के दौरान ये लोग अपने डबल एंट्री वीजा की शर्त के अनुसार प्रति विजिट अधिकतम 15 दिनों की अनुमत सीमा से अधिक समय तक रुके हुए पाए गए। आधिकारिक नियमों के अनुसार, डबल एंट्री वीजा पर भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को आमतौर पर प्रति विजिट अधिकतम 15 दिनों तक रहने की अनुमति होती है (Source: MEA)। यह पूरी कार्रवाई पहाड़गंज इलाके से शुरू हुई थी।
इस ऑपरेशन की शुरुआत पहाड़गंज इलाके में न्येम अहमद को पकड़ने के साथ हुई थी। इसके बाद उसके खुलासे के आधार पर मालवीय नगर के हौज़ रानी इलाके से 10 और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ते हुए अन्य आरोपियों को पकड़ा।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
इन लोगों को पकड़ने के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए 11 बांग्लादेशी पासपोर्ट, 11 डबल एंट्री वीजा और 14 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके बाद फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इन सभी 11 व्यक्तियों के खिलाफ रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर जारी कर दिए हैं। सभी आरोपियों को आगे की प्रक्रिया के लिए डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है।
इन सभी 11 व्यक्तियों को सेवा धाम डिटेंशन सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां वे डिपोर्टेशन (देश वापसी) का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।