दिल्ली में POCSO एक्ट की समझ केवल 17% लोगों को, सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा

राजधानी दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कड़े कानूनों के बावजूद, आम जनता के बीच इसकी सही समझ की भारी कमी है। हाल ही में बाल संरक्षण संस्था 'समाधान अभियान' द्वारा 6 अक्टूबर, 2026 को जारी एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दिल्ली के निवासियों में दिल्ली में पॉक्सो एक्ट जागरूकता का स्तर काफी नीचे है। सर्वे के मुताबिक, हालांकि 'पॉक्सो' (POCSO) शब्द के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन इस कानून के असल प्रावधानों और बारीकियों को केवल 17% लोग ही पूरी तरह समझ पाए हैं।
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल कानून होना काफी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग में इसके प्रति गहरी समझ और सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
जांच में देरी पर हाई कोर्ट सख्त, स्पेशल टीम बनाने के निर्देश
एक तरफ जहां जागरूकता की कमी है, वहीं दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। 5 और 6 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हर पुलिस जिले में पॉक्सो मामलों की जांच के लिए समर्पित विशेष टीमें (Dedicated Investigation Teams) बनाने पर विचार किया जाए, ताकि इन संवेदनशील मामलों की जांच में तेजी लाई जा सके।
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पॉक्सो एक्ट की धारा 35 के तहत कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के 30 दिनों के भीतर पीड़ित के साक्ष्य दर्ज होने चाहिए। साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 193(2) के अनुसार, कुछ विशिष्ट अपराधों की जांच FIR दर्ज होने के दो महीने के भीतर पूरी होनी अनिवार्य है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में 'पॉक्सो जागरूकता माह' भी मनाया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शहर के सभी 5,633 स्कूलों में 'गुड टच, बैड टच' सत्र आयोजित किए गए और बाल संरक्षण समितियां बनाई गईं। इसके अलावा, दिल्ली महिला आयोग (DCW) को ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को बेहतर बनाने और साइबर अपराधों के प्रति लड़कियों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा चक्र को मजबूत किया जा सके।