दिल्ली की महिलाओं को बड़ी राहत: अब 10 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे पिंक टिकट

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की महिलाओं को बड़ी राहत: अब 10 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे पिंक टिकट

दिल्ली में डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर करने वाली महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार ने पेपर आधारित 'पिंक टिकट' के इस्तेमाल की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब महिलाएं 10 अक्टूबर 2026 तक इन पुराने टिकटों के जरिए बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इस तारीख के बाद मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ उठाने के लिए 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' का होना अनिवार्य होगा।

परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बदलाव नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्रणाली को लागू करने के लिए किया जा रहा है। दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाएं, लड़कियां और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (जिनकी उम्र 5 वर्ष से अधिक है) इस सुविधा के पात्र हैं। नया स्मार्ट कार्ड जारी होने की तारीख से पांच साल तक वैध रहेगा। खास बात यह है कि यह कार्ड दिल्ली मेट्रो और RRTS जैसे सार्वजनिक परिवहन में भी काम आएगा, हालांकि मुफ्त यात्रा की सब्सिडी केवल डीटीसी और क्लस्टर बसों के लिए ही रहेगी।

स्मार्ट कार्ड कैसे और कहां से बनवाएं?

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सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 18.5 से 19 लाख स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जो लोग अभी तक अपना कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे शहर के 38 से 50 अधिकृत केंद्रों से इसे प्राप्त कर सकते हैं। इन केंद्रों में डीटीसी डिपो, जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा, लोग ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन का विकल्प भी चुन सकते हैं।

कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए हैं:

  • पहला स्मार्ट कार्ड पूरी तरह मुफ्त दिया जाएगा।
  • यदि कार्ड खो जाता है, तो डुप्लीकेट कार्ड के लिए 49 रुपये का शुल्क देना होगा।
  • 10 अक्टूबर 2026 की समय सीमा के बाद बिना स्मार्ट कार्ड के यात्रा करने वालों को नियमित किराया देना होगा।

इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने 10 दिनों का एक विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, ताकि कोई भी महिला इस सुविधा से वंचित न रहे। इस नियामक संशोधन को उपराज्यपाल द्वारा मंजूरी दी गई है और इसका क्रियान्वयन मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री की देखरेख में किया जा रहा है।

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