दिल्ली-फुकेत फ्लाइट टर्बुलेन्स मामले में सिविल एविएशन मिनिस्टर ने दिए सख्त एक्शन के आदेश, पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव

फ्लाइट टर्बुलेन्स और एविएशन सेफ्टी को लेकर यूनियन मिनिस्टर फॉर सिविल Aviation Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कहा है कि एविएशन सेफ्टी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और Ministry इस एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। यह घटना 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई थी, जिसमें भयंकर टर्बुलेन्स के दौरान एयरबस A320neo अचानक 300 फीट नीचे गिर गई थी। इस हादसे में 4 क्रू मेंबर समेत 17 से 24 लोग घायल हो गए थे, और क्रू मेंबर अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। जारी जांच के चलते इस उड़ान के दोनों पायलटों को फिलहाल फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है।
Aircraft Accident Investigation Bureau की जांच और विदेशी एक्सपर्ट्स की टीम
Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) इस मामले की औपचारिक जांच कर रहा है और इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) प्रोटोकॉल के Annex 13 के तहत इसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है। इस व्यापक जांच में एयरक्राफ्ट सिस्टम, रिकॉर्डेड फ्लाइट डेटा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड, मेडिकल जानकारी और बातचीत जैसे सभी जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच के टेक्निकल पहलुओं में मदद करने के लिए फ्रांस के Bureau d'Enquêtes et d'Analyses (BEA) और एयरबस की टीमें 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली पहुंचने वाली थीं। खास बात यह है कि इस टर्बुलेन्स वाली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का कन्फर्मेटरी डोप टेस्ट में मारिजुआना पॉजिटिव आया है, जिसके बाद मिनिस्ट्री मौजूदा नियमों की समीक्षा कर रही है ताकि उनमें सुधार किया जा सके।
मिनिस्टर की हाई-लेवल मीटिंग और आगे की कार्रवाई
Minister Naidu ने एयर इंडिया के जाने वाले CEO Campbell Wilson के साथ-साथ सिविल एविएशन सेक्रेटरी Samir Kumar Sinha, DGCA डायरेक्टर जनरल Vir Vikram Yadav और AAIB डायरेक्टर जनरल G V G Yugandhar के साथ एक शुरुआती मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग का मकसद जांच पर अपडेट लेना और सेफ्टी प्रोटोकॉल तथा पायलटों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन के मामलों पर एयरलाइन के जवाब का आकलन करना था। जांच के नतीजे और तय टेस्टिंग प्रोसेस के आधार पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल Aviation (DGCA) रेगुलेटरी एक्शन लेगा, और मिनिस्ट्री ने नियमों के कमतर पाए जाने पर उनमें सुधार के लिए सख्त कदम उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।