दिल्ली में पीजी मालिकों के लिए नए नियम: छात्रों की सुरक्षा के लिए सरकार लाएगी सख्त कानून

Kittu Kumari6 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में पीजी मालिकों के लिए नए नियम: छात्रों की सुरक्षा के लिए सरकार लाएगी सख्त कानून

दिल्ली सरकार राजधानी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। दिल्ली पीजी सुरक्षा नियम (Paying Guest Accommodation Regulation and Safety Bill, 2026) को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को पीजी मालिकों, ऑपरेटरों और प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पीजी चलाने में आने वाली चुनौतियों को समझना और छात्रों के रहने की स्थिति व सुरक्षा के लिए मानक तय करना है।

यह पूरी कवायद सत्य निकेतन में 6 सितंबर 2026 को हुई उस दर्दनाक घटना के बाद शुरू हुई, जहां एक पांच मंजिला निजी पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में दिल्ली यूनिवर्सिटी के पांच छात्र भी शामिल थे। इस हादसे के बाद सरकार ने 15 सितंबर को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 20 सदस्यीय उच्चाधिकार समिति का गठन किया था, जिसे 60 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं।

'GovPG' पोर्टल और रेंट कंट्रोल पर रहेगा जोर

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

प्रस्तावित नए नियमों के तहत अब पीजी चलाने वालों के लिए कई कड़े प्रावधान होंगे। सरकार एक सेंट्रलाइज्ड 'GovPG' पोर्टल लॉन्च करने जा रही है, जिस पर सभी पीजी का नगर निगम पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके अलावा, इमारतों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट और फायर सेफ्टी चेक नियमित रूप से कराया जाएगा। छात्रों को मनमाने किराए से बचाने के लिए जोन के हिसाब से 'रेंट बैंड' तय किए जाएंगे और रेंटल एग्रीमेंट को भी स्टैंडर्डाइज किया जाएगा।

इस बीच, कानूनी दबाव भी सरकार पर बना हुआ है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र शिवांश कालिया द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को जवाब मांगा था। कोर्ट अब 14 अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें निजी छात्र आवासों की निगरानी के लिए एक समर्पित तंत्र की मांग की गई है।

बता दें कि हर साल करीब छह लाख बाहरी छात्र उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आते हैं। उनकी जरूरतों को देखते हुए सरकार अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और शहरी विकास विभाग के साथ मिलकर नए हॉस्टल बनाने के लिए जमीन की पहचान कर रही है। साथ ही, सरकारी संपत्तियों का उपयोग भी छात्रों के रहने के लिए करने पर विचार किया जा रहा है। मंत्री आशीष सूद के अनुसार, नए दिशा-निर्देश और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क आने कुछ हफ्तों में जारी कर दिए जाएंगे।

Share:

Comments

Leave a comment