छात्रों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार लाएगी नया पीजी रेगुलेटरी बिल

दिल्ली में पीजी (Paying Guest) में रहने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली सरकार छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान मालिकों की मनमानी को रोकने के लिए 'पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन रेगुलेशन एंड सेफ्टी बिल, 2026' लाने की तैयारी कर रही है। यह कदम तब उठाया गया है जब छात्रों ने रहने की खराब स्थिति, सुरक्षा की कमी और सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर लगातार शिकायतें की थीं।
इस सख्त कानून की जरूरत तब महसूस हुई जब 6 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों समेत कुल सात लोगों की जान चली गई थी। जांच में यह बात सामने आई कि बिल्डिंग मालिकों ने बिना किसी प्रोफेशनल की सलाह के अवैध निर्माण किया था और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की थी।
पीजी मालिकों पर कसेगा शिकंजा, लागू होंगे ये नियम
छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में 20 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है, जिसे अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं। प्रस्तावित बिल के तहत अब दिल्ली के सभी पीजी को एक सेंट्रल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, समय-समय पर स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी ऑडिट कराना जरूरी होगा ताकि भविष्य में किसी हादसे को रोका जा सके।
सरकार केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण पर भी लगाम लगाने जा रही है। नए नियमों में निम्नलिखित प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है:
- किराये के लिए स्टैंडर्ड रेंटल एग्रीमेंट लागू करना।
- अलग-अलग जोन के हिसाब से रेंट बैंड (किराये की सीमा) तय करना।
- बिजली के नाम पर वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों और भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट पर रोक लगाना।
- छात्रों के लिए एक डिजिटल शिकायत पोर्टल शुरू करना, जहां वे भीड़भाड़ और सुरक्षा खतरों की रिपोर्ट कर सकें।
दूसरी ओर, उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के आसपास के सभी पीजी की मैपिंग और वेरिफिकेशन के आदेश दिए हैं। इस प्रक्रिया में दिल्ली पुलिस, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी की मदद ली जा रही है। साथ ही, आवास की कमी को दूर करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) सरकारी जमीनों और खाली पड़ी संपत्तियों का सर्वे कर रहा है ताकि नए छात्र हॉस्टल बनाए जा सकें।