दिल्ली पीजी इमारत ढहने पर वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने उठाये तीखे सवाल

Kittu Kumari13 September 20262 min read6 viewsDelhi Local
दिल्ली पीजी इमारत ढहने पर वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने उठाये तीखे सवाल

दिल्ली के सत्य निकेतन में अवैध पीजी इमारत ढहने की घटना के बाद वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने जनसत्ता में एक लेख लिखा है। 6 सितंबर 2026 को हुई इस दुर्घटना में पांच छात्रों और एक मजदूर सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद दिल्ली सरकार पीजी के लिए नए नियम बना रही है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली समिति के इस प्रस्ताव में सभी पीजी को 90 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने और लाइसेंस लेने का आदेश दिया गया है। इसमें पुलिस, नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है। नए नियमों में किराए और सुरक्षा जमा राशि को भी विनियमित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने सभी पीजी हॉस्टलों के निरीक्षण का आदेश दिया है और अधिकारियों ने शिक्षकों, छात्रों, निगम अधिकारियों और पुलिस की समितियों को गठित करने की योजना बनाई है।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पीजी संचालक सुधांशू और ठेकेदार सनोज सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ठेकेदार सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया है। इस मामले में सहयोगी शुभम त्यागी अभी भी फरार है और पुलिस महेश बंसल से पूछताछ कर रही है जिनके पिता हरी राम बंसल ने इस इमारत को पट्टे पर लिया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मालिकों को पता था कि यह नींव इतना वजन सहन नहीं कर सकती है और इसके बावजूद उन्होंने चार अतिरिक्त मंजिलें अवैध रूप से बना दी थीं।

नगर निगम की सख्त कार्रवाई और छात्र संगठनों का विरोध

नगर निगम ने अवैध संरचनाओं पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और चांदनी चौक में 56 अनधिकृत दुकानों को सील कर दिया है। इसके अलावा नगर निगम ने दुर्घटना स्थल के पास एक कमजोर इमारत को गिराना भी शुरू कर दिया है। इन कार्रवाइयों के बावजूद एबीवीपी सहित कई छात्र संगठनों ने सुरक्षा में लगातार लापरवाही और व्यवस्था की असफलता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह के इस्तीफे की मांग की है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment