दिल्ली-पटना फ्लाइट किराया ₹20,000 के पार, त्योहारों पर यात्रियों की जेब पर भारी बोझ

त्योहारों के सीजन में घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए हवाई यात्रा अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। दिल्ली पटना फ्लाइट किराया अचानक इतना बढ़ गया है कि आम आदमी के होश उड़ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली से पटना जाने वाले टिकटों की कीमतें 20,000 रुपये तक पहुंच गई हैं, जो सामान्य दिनों के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा है।
हवाई किराए में इस भारी बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह नागरिक उड्डयन मंत्रालय का वह फैसला है, जिसके तहत घरेलू उड़ानों पर लगी अस्थायी मूल्य सीमा (Airfare Caps) को 23 मार्च 2026 से हटा लिया गया था। दरअसल, दिसंबर 2025 में इंडिगो के परिचालन में आई दिक्कतों के बाद सरकार ने किराए पर लगाम लगाई थी, लेकिन अब एयरलाइंस अपनी मर्जी से डिमांड के हिसाब से कीमतें तय कर रही हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय संकट का असर
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 22 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया था कि सरकार त्योहारी सीजन में किराए पर दोबारा कोई कैप नहीं लगाएगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। चूंकि किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च का 40 से 43 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए ईंधन महंगा होने का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है।
किरायों में इस तरह की मनमानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है। 19 जनवरी 2026 को कोर्ट ने त्योहारों के दौरान हवाई किराए में होने वाली इस अत्यधिक वृद्धि को "शोषणकारी" करार दिया था। इस मामले में एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई चल रही है, जिसमें केंद्र सरकार, DGCA और AERA से जवाब मांगा गया है ताकि कीमतों के लिए कुछ नियामक दिशा-निर्देश तय किए जा सकें।
गौरतलब है कि यह समस्या नई नहीं है। अक्टूबर 2025 में भी गणेश चतुर्थी के दौरान दिल्ली-पटना रूट का किराया 4,000 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये तक पहुंच गया था, जिसके बाद DGCA को हस्तक्षेप कर किराए पर सीमा लगानी पड़ी थी और अतिरिक्त उड़ानें चलाने के निर्देश देने पड़े थे।