दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाएंगे NCC कैडेट्स, MHA ने दिए 'पार्क प्रहरी' तैनात करने के निर्देश

दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए MHA ने NCC कैडेट्स को 'पार्क प्रहरी' बनाने का प्रस्ताव दिया है। जानें क्या है पूरी योजना।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाएंगे NCC कैडेट्स, MHA ने दिए 'पार्क प्रहरी' तैनात करने के निर्देश

राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने एक नई और अनोखी योजना तैयार की है। अब दिल्ली के पार्कों की निगरानी के लिए National Cadet Corps (NCC) के जवानों को 'पार्क प्रहरी' के रूप में तैनात किया जा सकता है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने का मूल्यांकन करने को कहा है, जिसके जरिए NCC कर्मियों का पंजीकरण किया जा सके।

यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की हृदयविदारक घटना सामने आई। इसके करीब एक महीने बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई और इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यह योजना ब्लूप्रिंट स्टेज में है और यह देखा जा रहा है कि शाम के पीक आवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) के दौरान इन कैडेट्स की तैनाती कैसे की जाए। खास बात यह है कि इन तैनात कर्मियों के वेतन का खर्च दिल्ली पुलिस वहन करेगी।

सुरक्षा के लिए तय की गई सख्त डेडलाइन

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सिर्फ मानव संसाधन ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए भी गृह मंत्रालय ने सख्त समय सीमा तय की है। सुरक्षा ऑडिट के बाद सरकार ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  • बाउंड्री वॉल और फेंसिंग: पार्कों की टूटी दीवारों और फेंसिंग के मरम्मत कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा करना होगा।
  • लाइटिंग और CCTV: सभी पार्कों में लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे लगाने और बाउंड्री की खामियों को इस साल के अंत तक ठीक करने का आदेश दिया गया है।
  • तकनीकी सत्यापन: C-DAC और BISAG-N जैसी तकनीकी एजेंसियों की देखरेख में सीसीटीवी इंस्टॉलेशन की स्थिति को नवंबर 2026 तक फाइनल करना होगा।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक एकड़ से बड़े सभी सार्वजनिक पार्क, जो रिहायशी या सुरक्षित जोन में नहीं आते, वहां एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुरक्षा गार्ड तैनात करना और नियमित पेट्रोलिंग करना अनिवार्य होगा।

गौरतलब है कि NCC के नियमों के मुताबिक, 13 से 26 वर्ष की आयु के छात्र, जो नागरिकता और कक्षा संबंधी मानदंडों को पूरा करते हैं, स्वेच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं। अब इन्हीं अनुशासित युवाओं की मदद से दिल्ली के पार्कों को सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।

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