आस्था कुंज कांड के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा सख्त, 5000 नए गार्ड होंगे तैनात

दिल्ली के पार्कों में अब महिलाएं और आम नागरिक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए गैंगरेप की दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस घटना ने शहर के पार्कों में सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर किया था, जिसके बाद अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली नगर निगम (MCD) बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर रहे हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में हो रहे यौन हमलों पर स्वतः संज्ञान लिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की विफलता पर सवाल उठाए। कोर्ट के निर्देश के बाद, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में DDA ने अपने 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराया। इस ऑडिट में चौंकाने वाले खुलासे हुए—पता चला कि केवल 2% पार्कों में ही चालू CCTV कैमरे हैं और 520 पार्कों में लाइटिंग की भारी कमी है। ऑडिट में आस्था कुंज सहित 190 स्थानों को 'हाई-रिस्क' यानी उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है।
सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे बड़े कदम
प्रशासन ने अब इन खामियों को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- नई भर्ती और गश्त: DDA गश्त बढ़ाने के लिए 5,000 नए सुरक्षा कर्मियों की भर्ती कर रहा है।
- लाइटिंग और निगरानी: 231 पार्कों में लाइटिंग अपग्रेड की जा रही है और CCTV कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है।
- MCD की योजना: दिल्ली नगर निगम ने अपने 12 जोन के 200 पार्कों को प्राथमिकता पर रखा है, जहाँ दिसंबर के अंत तक बाउंड्री वॉल की मरम्मत और 24 घंटे गार्ड तैनात किए जाएंगे।
- महिला पार्क: MCD ने दिल्ली के सभी 250 वार्डों में समर्पित 'महिला पार्क' बनाने का प्रस्ताव दिया है, जहाँ केवल महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगी।
वहीं, जिस आस्था कुंज पार्क में यह वारदात हुई, वहाँ सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत बदला गया है। विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए पेड़ों की छंटाई की गई है, अतिरिक्त CCTV लगाए गए हैं और गेटों पर करीब 10 गार्ड तैनात किए गए हैं। अब रात 8 बजे के बाद गार्ड टॉर्च लेकर सुनसान इलाकों की चेकिंग कर रहे हैं और महिला पुलिसकर्मी स्कूटरों के जरिए गश्त कर रही हैं। हालांकि, 142 एकड़ में फैले इस पार्क के 29 गेटों की निगरानी करना अभी भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—आसिफ, हेमंत सिंह और मुकेश सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।