दिल्ली के सभी पार्कों में सुरक्षा सख्त, डीडीए ने लागू किए नए नियम

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कड़ा कर दिया है। सूरज ढलने के बाद पार्कों में प्रवेश सीमित कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के बाद, डीडीए और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 24 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले एक सप्ताह के भीतर सभी सार्वजनिक पार्कों का अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। यह नीतिगत बदलाव कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में हुई यौन उत्पीड़न की घटना के बाद सार्वजनिक सुरक्षा बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जैसा कि ANI News में रिपोर्ट किया गया है।
नए सुरक्षा नियम और ऑडिट
न नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, कई प्रवेश द्वारों वाले पार्कों में अंधेरा होने के बाद केवल चुनिंदा गेटों से ही एंट्री मिलेगी। दिल्ली पुलिस के हालिया ऑडिट में 1,500 पार्कों का आकलन किया गया था जिसमें रोशनी और निगरानी में भारी कमियां पाई गईं। इन कमियों को दूर करने के लिए डीडीए सात दिनों के भीतर अतिरिक्त फ्लडलाइट, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन नंबरों वाले सुरक्षा सूचना बोर्ड लगा रहा है, जिसकी जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है।
पुलिस गश्त और अंधेरे स्थानों की पहचान
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सभी 15 जिलों के डीसीपी को निर्देश दिया है कि वे अंधेरे स्थानों और खराब कैमरों की पहचान करें ताकि नागरिक एजेंसियां उन्हें तुरंत ठीक कर सकें। इसके अलावा, सुरक्षा गार्ड अनिवार्य रूप से गश्त करेंगे और स्थानीय पुलिस को आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियमित गश्त में पार्क के चक्कर लगाने का आदेश दिया गया है।