दिल्ली में NGT के सख्त निर्देश: पार्कों की फंडिंग और सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए

दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन्स सोसाइटी (DPGS) ने अपने प्लेटफॉर्म्स को अपडेट किया है, जिसकी वेबसाइट 21 जुलाई 2026 को आखिरी बार अपडेट की गई थी और जुलाई के बीच में सर्कुलर व ऑफिस ऑर्डर जारी किए गए थे। इन अपडेट्स का संबंध नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के महत्वपूर्ण निर्देशों से है, जिसने 29 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार को सादुलाजाब और साकेत में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया demolition proceedings की चुनौतियों के समाप्त होने के बाद चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट DPGS Delhi देख सकते हैं।
पार्कों के रखरखाव और कम्युनिटी पार्टिसिपेशन को बढ़ावा देने के लिए, दिल्ली सरकार पार्कों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव दे रही है। इसमें Resident Welfare Associations (RWAs), NGOs और रजिस्टर्ड सोसाइटियों के योग्य प्रोजेक्ट्स के लिए 100% सरकारी फंडिंग शामिल है, जो मौजूदा 90:10 लागत-साझाकरण मॉडल की जगह लेगी। प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य वार्षिक रखरखाव सहायता को प्रति एकड़ ₹2.55 लाख से बढ़ाकर ₹3.8 लाख करना और नए पार्क विकास के लिए वन-टाइम वित्तीय सहायता को प्रति एकड़ ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹2.9 लाख करना है।
पार्कों के इस्तेमाल और NGT की निगरानी
NGT पब्लिक पार्कों के संरक्षण पर कड़ी नजर रख रहा है और अप्रैल 2026 में दोहराया कि दिल्ली के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तय पार्कों का इस्तेमाल महीने में 10 दिन से ज्यादा कार्यक्रमों के लिए न हो, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार है। ट्रिब्यूनल ने हरे भरे स्थानों के संरक्षण और पार्कों के कमर्शियलाइजेशन व उपेक्षा को रोकने पर जोर दिया है।
अप्रैल 2026 में ही, रोहिणी के एक जिला पार्क से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए NGT बेंच ने ठोस कचरे (solid waste) की मौजूदगी को देखा और पाया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) समय-समय पर त्योहारों के लिए मैदान का इस्तेमाल करता है। इस पर NGT ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) को कचरा साफ करने और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।