Delhi Government मालवीया नगर अग्निकांड के बाद दो दशक पुराना B&B कानून करेगी रद्द, नया नियम होगा लागू

दिल्ली सरकार अपने करीब दो दशक पुराने बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (B&B) नियमों को रद्द करने जा रही है और इनकी जगह एक नया पॉलिसी फ्रेमवर्क लाने की तैयारी है। टूरिज्म मिनिस्टर कपिल मिश्रा द्वारा पेश किए गए 'दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रिपील) बिल, 2026' को 7-11 अगस्त 2026 तक चलने वाले दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विचार और पास किए जाने की उम्मीद थी। इस बिल का उद्देश्य 'नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (इंक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2007' और इसके 2009 व 2021 के संशोधनों को रद्द करना है।
मालवीया नगर अग्निकांड के बाद बड़ा कदम
यह विधाई कदम मालवीया नगर के एक B&B में हुई भीषण आग की दुर्घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा नियमों और बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करने वाली प्रॉपर्टीज़ के खिलाफ पूरे शहर में कार्रवाई शुरू की गई। प्रभावित फैसिलिटी कथित तौर पर बिना जरूरी परमिशन के और अपनी तय क्षमता से ज्यादा संचालित हो रही थी। चीफ मिनिस्टर रेखा गुप्ता ने बिजनेस करने में आसानी (ease of doing business) के अनुकूल एक प्रशासनिक व्यवस्था बनाने पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया, जबकि मिनिस्टर मिश्रा ने कहा कि इस कानून को रद्द करने का मकसद एक अधिक फ्लेक्सिबल और सुविधा जनक पॉलिसी regime का रास्ता साफ करना है।
नई पॉलिसी और ट्रांजिशन पीरियड के नियम
26 मई 2026 को पब्लिक डोमेन में रखे गए ड्राफ्ट 'दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी, 2026' में सेल्फ-सर्टिफाइड और सेल्फ-रिन्यूअल फ्रेमवर्क का प्रस्ताव है। इसमें सात कार्य दिवसों के भीतर 'डीम्ड अप्रूवल' का वादा किया गया है, जो पिछले कानून के तहत 30 दिनों से एक बड़ी कटौती है। पुराने एक्ट को रद्द करने और नई पॉलिसी के लागू होने के बीच के ट्रांजिशन पीरियड के दौरान, दिल्ली में केंद्र के B&B नियम लागू होंगे। मौजूदा एक्ट के तहत नए रजिस्ट्रेशन और पेंडिंग एप्लीकेशन सस्पेंड रहेंगे, हालांकि पुरानी कानून के तहत शुरू किए गए मौजूदा रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट, अप्रूवल और ऑर्डर नई पॉलिसी के अनुकूल होने पर वैध बने रहेंगे।