दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक, नियम तोड़ा तो कटेगा 20 हजार का चालान
दिल्ली में BS-6 से नीचे के पुराने वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और गाड़ी जब्त हो सकती है।

अगर आप सोनीपत या एनसीआर के अन्य इलाकों से रोजाना दिल्ली सफर करते हैं, तो सावधान हो जाइए। दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से पुराने वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। अब बीएस-6 (BS-6) मानक से नीचे के कई वाहनों को राजधानी की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सोनीपत के उन वाहन चालकों पर पड़ रहा है जो रोज काम के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों पर 20 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
किन्हें मिलेगी एंट्री और किन पर है पाबंदी?
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, हरियाणा में रजिस्टर्ड बीएस-3 पेट्रोल कारों, बीएस-4 डीजल कारों और बीएस-6 से कम मानक वाले व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर रोक है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोपहिया वाहनों, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और मान्यता प्राप्त हाइब्रिड वाहनों को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। अगर आपकी गाड़ी सीएनजी में कन्वर्टेड है, तो आरसी में सीएनजी दर्ज होना चाहिए और साथ ही वैध प्रदूषण व फिटनेस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
दिल्ली की सीमाओं पर अब हाईटेक निगरानी की जा रही है। स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों के जरिए वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन की जाएगी और डेटाबेस से उनकी जांच होगी। यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो तुरंत ई-चालान जारी कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, जो वाहन अपनी निर्धारित समय सीमा पूरी कर चुके हैं या बार-बार नियम तोड़ रहे हैं, उन्हें जब्त भी किया जा सकता है।
व्यावसायिक वाहनों जैसे बस और टैक्सियों के लिए भी कड़े नियम हैं। केवल बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों व टैक्सियों को ही अनुमति मिलेगी, जबकि बीएस-6 से नीचे के डीजल कमर्शियल वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। हालांकि, गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में वैध दस्तावेज दिखाने पर मानवीय आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अब 'प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं' की व्यवस्था लागू है। पेट्रोल पंपों पर ऑनलाइन स्टेटस चेक किया जाएगा और यदि प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध नहीं मिला, तो डीजल, पेट्रोल या सीएनजी मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए वाहन चालक अपनी आरसी में इंजन मानक चेक कर लें और प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता सुनिश्चित करें।