नार्दन रिज के 277.56 एकड़ इलाके को दिल्ली सरकार ने घोषित किया रिजर्व फॉरेस्ट

राजधानी दिल्ली की हवाओं को शुद्ध रखने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने अरावली पर्वत श्रृंखला के हिस्से नार्दन रिज रिजर्व फॉरेस्ट के 277.56 एकड़ (112.328 हेक्टेयर) क्षेत्र को 'आरक्षित वन' (Reserved Forest) घोषित करने के पहले चरण की अधिसूचना को मंजूरी दे दी है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत लिए गए इस फैसले का मकसद इस बेशकीमती इलाके को अवैध निर्माण, खुदाई और मानवीय हस्तक्षेप से पूरी तरह सुरक्षित करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को शहर की प्राकृतिक विरासत के लिए बेहद अहम बताया है। उन्होंने नार्दन रिज को दिल्ली के 'ग्रीन लंग्स' (हरे फेफड़े) करार देते हुए कहा कि शहर के पारिस्थितिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लचीलेपन के लिए यह कदम अनिवार्य था। इस नई घोषणा के बाद अब दिल्ली में कुल आरक्षित वन क्षेत्र बढ़कर लगभग 13,252.390 एकड़ हो गया है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के मुकाबले अपनी सरकार की उपलब्धियों पर जोर देते हुए बताया कि जहां पहले केवल 96.16 हेक्टेयर क्षेत्र को आरक्षित वन अधिसूचित किया गया था, वहीं वर्तमान सरकार अब तक 5,267.009 हेक्टेयर (13,014.77 एकड़) भूमि को इस श्रेणी में लाने में सफल रही है।
सरकार की योजना केवल कागजी अधिसूचना तक सीमित नहीं है। पहले चरण की अधिसूचना के बाद अब जल्द ही जमीन की सीमांकन (demarcation), आवास प्रबंधन और सामुदायिक जुड़ाव जैसे काम शुरू किए जाएंगे। पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने इस साल 73 लाख से ज्यादा पौधे लगाए हैं और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए चेक डैम का निर्माण भी कराया है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही सरकार ने दक्षिणी रिज (Southern Ridge) के लगभग 1,000 एकड़ इलाके को भी रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने की मंजूरी दी थी।