दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: नॉर्दर्न रिज के 112 हेक्टेयर क्षेत्र को बनाया रिजर्व फॉरेस्ट

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: नॉर्दर्न रिज के 112 हेक्टेयर क्षेत्र को बनाया रिजर्व फॉरेस्ट

राजधानी दिल्ली की हरियाली और पर्यावरण को बचाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने नॉर्दर्न रिज के 112.328 हेक्टेयर (लगभग 277.56 एकड़) क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत 'रिजर्व फॉरेस्ट' (आरक्षित वन) घोषित करने की मंजूरी दे दी है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में आई इस अधिसूचना के बाद अब इस इलाके को कानूनी सुरक्षा मिल जाएगी, जिससे यहां अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को दिल्ली की प्राकृतिक विरासत के लिए बेहद जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि अरावली श्रृंखला का हिस्सा होने के कारण नॉर्दर्न रिज दिल्ली के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए 'अमूल्य' है। यह कदम न केवल पर्यावरण के स्वास्थ्य को सुधारेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने में भी मददगार साबित होगा। गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर 2026 में ही दक्षिणी रिज के करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र को भी रिजर्व फॉरेस्ट की श्रेणी में डाला गया था।

वन संरक्षण के आंकड़े और चुनौतियां

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सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्तमान प्रशासन ने अब तक कुल 5,267.009 हेक्टेयर जमीन को रिजर्व फॉरेस्ट के रूप में अधिसूचित किया है, जो पिछले प्रशासनों के मुकाबले एक बहुत बड़ी छलांग है। पहले यह आंकड़ा महज 96.16 हेक्टेयर था। हालांकि, इस कामयाबी के बावजूद चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। रिज की लगभग 2,073 हेक्टेयर जमीन अब भी असुरक्षित है, जहां अतिक्रमण और जमीन की धीमी रिकवरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।

इस बीच, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (DRMB) को पूरी तरह सक्रिय करने और जमीन की रिकवरी पर नियमित रिपोर्ट देने का दबाव बना रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को दिल्ली वन विभाग को सेंट्रल रिज से विलायती कीकर, बबूल और यूकेलिप्टस जैसी विदेशी प्रजातियों के पेड़ों को हटाने की अनुमति दी है, ताकि 'दिल्ली इको-रेस्टोरेशन प्लान 2026-30' को लागू किया जा सके।

अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती भी जारी है। NGT ने 29 जुलाई 2026 को साकेत इलाके में अवैध वन अतिक्रमण को चार महीने के भीतर हटाने का निर्देश दिया था, क्योंकि फॉरेस्ट सेटलमेंट ऑफिसर ने वहां रहने वालों के दावों को खारिज कर दिया था। इन सभी प्रयासों के बाद, दिल्ली में अब कुल अधिसूचित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र बढ़कर 5,363.169 हेक्टेयर (लगभग 13,252.39 एकड़) हो गया है।

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