दिल्ली में 1 नवंबर से नॉन-बीएस-6 वाहनों की एंट्री बैन, ट्रैफिक पुलिस होगी सख्त
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से नॉन-बीएस-6 वाहनों पर पाबंदी लगेगी। जानें किन गाड़ियों को मिलेगी छूट और क्या हैं नए नियम।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। दिल्ली नॉन-बीएस-6 वाहन प्रतिबंध के तहत अब शहर की सीमाओं में केवल वही गाड़ियां चल सकेंगी जो पर्यावरण के अनुकूल हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बेहद सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार, दिल्ली की सड़कों पर केवल BS-VI (बीएस-6) मानक वाली गाड़ियां, सीएनजी (CNG) वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ही चल पाएंगे। अगर आपकी गाड़ी बीएस-6 है, तब भी आपके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना अनिवार्य है, वरना कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, एम्बुलेंस, फायर टेंडर और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
NCR के 10 लाख वाहनों पर पड़ेगा असर
परिवहन विभाग के मुताबिक, इस फैसले का सबसे बड़ा असर पड़ोसी शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद पर पड़ेगा। अनुमान है कि NCR के करीब 10 लाख से ज्यादा वाहन इस बैन की जद में आएंगे। अंतरराज्यीय डीजल बसों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं; अब केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 डीजल बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी। साथ ही, जिन ट्रकों को दिल्ली के अंदर नहीं जाना है, उन्हें ईस्टर्न या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना होगा।
नियमों की सख्ती सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब तकनीक का सहारा ले रही है। बॉर्डर पर AI-पावर्ड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और उत्सर्जन मानकों की तुरंत जांच करेंगे। हाल ही में 27 अक्टूबर को फर्जी कमर्शियल परमिट के जरिए एंट्री करने वालों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि पुलिस किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
आम जनता की सुविधा के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने हेल्पलाइन्स (011-25844444 और 1095) जारी की हैं और बॉर्डर पर सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को जब हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंची, तब CAQM ने GRAP के पहले चरण को लागू किया था, जिसके बाद अब ये कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।