प्रदूषण पर वार: दिल्ली में 1 नवंबर से नॉन-बीएस6 वाहनों की एंट्री बैन, लगेगा 20 हजार का जुर्माना

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से नॉन-बीएस6 वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई है। नियम तोड़ने पर 20 हजार तक का जुर्माना लगेगा।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
प्रदूषण पर वार: दिल्ली में 1 नवंबर से नॉन-बीएस6 वाहनों की एंट्री बैन, लगेगा 20 हजार का जुर्माना

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले जहरीले स्मॉग और प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। दिल्ली नॉन-बीएस6 वाहन प्रतिबंध के तहत अब 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक शहर के बाहर से आने वाले उन सभी वाहनों की एंट्री पर रोक होगी, जो BS6 मानकों के अनुरूप नहीं हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 अक्टूबर को इन सख्त नियमों का ऐलान किया, जिसका मकसद शहर की हवा को साफ रखना है।

इस पाबंदी का सबसे ज्यादा असर एनसीआर के उन जिलों पर पड़ेगा जहां से रोजाना लाखों गाड़ियां दिल्ली आती हैं। अनुमान है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे इलाकों के करीब 10 लाख से ज्यादा वाहन इस दायरे में आएंगे। अगर कोई वाहन चालक इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है या उसके पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलता है, तो उसे 20,000 रुपये तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

'नो PUC, नो फ्यूल' और वर्क फ्रॉम होम के कड़े नियम

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प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने केवल एंट्री बैन ही नहीं, बल्कि ईंधन स्टेशनों पर भी सख्ती बरती है। अब दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू होगी, यानी बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं मिलेगा। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर में अब केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 डीजल बसों को ही चलने की अनुमति होगी।

आम जनता और कर्मचारियों के लिए भी बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है और ऑफिस के समय में बदलाव किया गया है। एमसीडी के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। साथ ही, पार्किंग फीस को दोगुना कर दिया गया है ताकि लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें।

इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए शहर के एंट्री पॉइंट्स पर ANPR कैमरे लगाए गए हैं और परिवहन विभाग के करीब 300 कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, निर्माण कार्यों पर नजर रखने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल होगा। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि दूध, फल और सब्जियों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिससे दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के समय महंगाई बढ़ सकती है।

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