दशहरा और विसर्जन को लेकर दिल्ली-नोएडा में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, रूट डायवर्जन से बदलेंगे रास्ते

अगर आप अगले कुछ दिनों में दिल्ली, नोएडा या ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। दशहरा (विजयादशमी) के जश्न और मूर्ति विसर्जन की रस्मों के कारण प्रशासन ने बड़े पैमाने पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए हैं। दशहरा ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें ताकि उन्हें जाम और रूट बदलाव की वजह से परेशानी न हो।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने 20 अक्टूबर तक के कार्यक्रमों के लिए रोड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। पूर्वी दिल्ली में 19 अक्टूबर को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक कड़े प्रतिबंध रहेंगे, जिसका असर नेशनल हाईवे 24, रोड नंबर 57, 57A, रोड नंबर 56 और विकास मार्ग पर पड़ेगा। वहीं, दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क और ग्रेटर कैलाश-II में दुर्गा पूजा के कारण 20 अक्टूबर तक रोजाना शाम 4 बजे से आधी रात तक निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसका असर आउटर रिंग रोड (वसंत विहार से मोदी मिल फ्लाईओवर), लाला लाजपत राय मार्ग, अगस्त क्रांति मार्ग और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर दिखेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और विसर्जन के नियम
नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर 21A के नोएडा स्टेडियम, सेक्टर 62 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में होने वाले आयोजनों के लिए अलग से रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में 13,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें दिल्ली में करीब 10,000, गुरुग्राम में 2,200 (66 रावण दहन स्थलों और 17 जुलूसों के लिए) और फरीदाबाद में 1,200 जवान शामिल हैं।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। यमुना और अन्य प्राकृतिक जल निकायों में मूर्ति विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके विकल्प के रूप में सरकार ने 81 कृत्रिम तालाब बनाए हैं और टूटी मूर्तियों के लिए कलेक्शन सेंटर स्थापित किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50,000 रुपये तक का पर्यावरणीय मुआवजा जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जाम से बचने के लिए दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।