दिल्ली और नोएडा में 6 अगस्त 2026 को हवा की गुणवत्ता में भारी अंतर, AQI हुआ 'खराब' से 'अच्छा'

6 अगस्त 2026 को दिल्ली और नोएडा में Air Quality का स्तर अलग-अलग जगहों पर 'अच्छा' से लेकर 'खराब' तक दर्ज किया गया। नागरिकों को अपने इलाके में प्रदूषण के स्तर को जानने के लिए Air Quality Index (AQI) के लेटेस्ट अपडेट देखने की सलाह दी गई थी।
- दिल्ली में NDTV के अनुसार AQI 110 यानी 'खराब' श्रेणी में रहा।
- Aaj Tak के मुताबिक PM2.5 का स्तर 157 और AQI 111 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है।
- IQAir ने दिल्ली की हवा को 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ' बताया।
- The Times of India के अनुसार नई दिल्ली में AQI 39 दर्ज किया गया, जो 'अच्छा' है।
- नोएडा का AQI भी अलग-अलग समय पर 'मध्यम' और 'खराब' दर्ज किया गया।
दिल्ली में प्रदूषण और AQI के आंकड़े
दिल्ली में दिनभर AQI के आंकड़े काफी अलग-अलग रहे। NDTV ने दिल्ली का AQI 110 बताया जो 'खराब' श्रेणी में आता है, जबकि Aaj Tak ने PM2.5 का स्तर 157 और AQI 111 बताया जो दोनों 'मध्यम' हैं। IQAir ने दिल्ली की हवा को 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ' माना। हालांकि, The Times of India ने नई दिल्ली के लिए AQI 39 बताया, जो 'अच्छी' हवा को दिखाता है। NDTV द्वारा ट्रैक किए गए मुख्य प्रदूषकों में PM10 (37.31), PM2.5 (69.62), NO2 (6.79), SO2 (4.72), O3 (5.26), और CO (6.97) शामिल थे। सकारात्मक रुझान भी सामने आए, जिसमें 4 अगस्त 2026 तक दिल्ली में 137 'साफ हवा' के दिन दर्ज किए गए और हाल ही में लगातार पांच दिनों तक 'संतोषजनक' AQI रहा।
नोएडा में हवा की गुणवत्ता और प्रदूषक
नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव देखा गया। Aaj Tak ने 38 PM2.5 स्तर के साथ 119 AQI ('मध्यम') बताया, हालांकि उसी आउटलेट की एक अन्य रिपोर्ट में AQI 99 ('मध्यम') बताया गया। IQAir ने 6 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह 02:30 बजे नोएडा का AQI 100 ('मध्यम') दर्ज किया, जिसमें मुख्य प्रदूषक PM2.5 था। हालांकि, इससे पिछले दिन यानी 5 अगस्त को सुबह 09:30 बजे AQI 133 ('संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ') था, और 5 अगस्त को रात 23:31 तक के रियल-टाइम डेटा में हाल ही में हुई बारिश के कारण 'खराब' AQI 137 दर्ज किया गया। 99 के AQI के लिए मुख्य प्रदूषकों में PM2.5 (47 µg/m³), PM10 (119 µg/m³), SO2 (6 ppb), CO (533 ppb), O3 (69 ppb) और NO2 (16 ppb) शामिल थे। 3 और 4 अगस्त को नोएडा का AQI 145 तक पहुंच गया था और यह वर्तमान में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में 288वें स्थान पर है।
सरकारी दिशा-निर्देश और सावधानी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) जैसे निकायों के आधिकारिक दिशा-निर्देशों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जब AQI 100 से अधिक हो जाता है, तो बच्चों और सांस की समस्या वाले व्यक्तियों जैसे संवेदनशील समूहों को बाहर की गतिविधियों को सीमित करना चाहिए। यदि AQI 'खराब' या इससे अधिक है, तो बाहर निकलने से बचने और मास्क का उपयोग करने की सिफारिश की जाती है। जबकि 'मध्यम' AQI आम तौर पर अधिकांश लोगों के लिए कोई समस्या पैदा नहीं करता है, संवेदनशील व्यक्तियों को हल्के लक्षण महसूस हो सकते हैं।