दिल्ली में 'नो पीयूसी नो फ्यूल' नियम लागू, बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा।

सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। अब राजधानी में दिल्ली नो पीयूसी नो फ्यूल नियम लागू कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपके वाहन के पास वैध 'प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र' (PUC) नहीं है, तो आपको पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं मिलेगा। यह नियम 1 नवंबर 2026 से प्रभावी हो चुका है, जिसमें पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी सभी शामिल हैं।
इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। शहर के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर 'ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन' (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन करते ही यह पता लगा लेंगे कि उस वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट वैध है या नहीं। अगर सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या उपलब्ध नहीं है, तो पंप ऑपरेटर को ईंधन देने से मना करना होगा।
प्रदूषण केंद्रों पर बढ़ी भीड़, बाहरी गाड़ियों पर भी पाबंदी
इस नए आदेश के बाद दिल्ली के प्रदूषण जांच केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। केंद्रों के संचालकों का कहना है कि पहले जहां दिनभर में केवल 15-20 सर्टिफिकेट जारी होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 100 के पार पहुंच गई है। लोग आनन-फानन में अपने वाहनों का टेस्ट करवा रहे हैं ताकि उन्हें ईंधन मिलने में दिक्कत न हो। इतना ही नहीं, अब कंटेनर में तेल खरीदने की कोशिश करने वालों को भी वापस भेजा जा रहा है।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी गाड़ियां, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें राजधानी की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए इन नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।