दिल्ली में अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर दायरे में पटाखे बैन, DCP ने दी चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर दायरे को नो-क्रैकर जोन घोषित किया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

दिवाली के त्योहार से पहले दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने साफ कर दिया है कि शहर के सभी स्कूलों और अस्पतालों के आसपास 300 मीटर के दायरे को दिल्ली नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है। इन इलाकों में पटाखे चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
डीसीपी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए केवल 'ग्रीन पटाखों' के इस्तेमाल की अनुमति है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि पटाखे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और यह सुनिश्चित करें कि उन पर प्रमाणित क्यूआर (QR) कोड मौजूद हो। पुलिस की विशेष टीमें इन बफर जोन की निगरानी करेंगी ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षण संस्थानों में शांति बनी रहे।
पटाखे चलाने का समय और नियम
पुलिस प्रशासन ने पटाखों के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित की है। डीसीपी मीणा के अनुसार, 7 और 8 नवंबर को पटाखे चलाने के लिए कुल तीन घंटे का समय दिया गया है। इसमें सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक और रात 8:00 से 10:00 बजे तक का समय शामिल है। इसके अलावा, ओल्ड एज होम और साइलेंस जोन में भी पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
अवैध पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। डीसीपी ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है या अवैध पटाखे बेचता पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
दूसरी ओर, दिवाली की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। जॉइंट सीपी (ईस्टर्न रेंज) मिलिंद महादेव डूंबरे ने झिलमिल मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि व्यापारियों और खरीदारों के बीच सुरक्षा का अहसास रहे और असामाजिक तत्वों को किसी भी तरह की गतिविधि का मौका न मिले।