दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेंगी 150 नई इलेक्ट्रिक बसें, 5 चार्जिंग स्टेशन भी शुरू

राजधानी दिल्ली में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली इलेक्ट्रिक बसें के बेड़े में 150 नई गाड़ियां शामिल की जा रही हैं। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग समस्या को दूर करने के लिए पांच नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए गए हैं।
इन नई बसों के आने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या अब 5,238 हो गई है। अगर इसमें 1,750 सीएनजी बसों को भी जोड़ लिया जाए, तो कुल बेड़ा लगभग 6,988 वाहनों का हो गया है। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करना है जो न केवल कुशल हो, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो।
सुरक्षा और सुविधाओं से लैस हैं नई बसें
नई बसों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इन बसों में निम्नलिखित खास फीचर्स दिए गए हैं:
- लो-फ्लोर डिजाइन ताकि चढ़ने-उतरने में आसानी हो।
- पूरी तरह एयर कंडीशन्ड (AC) केबिन।
- सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा।
- आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम।
चार्जिंग स्टेशनों की बात करें तो इन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों पर लगाया गया है। इनमें आनंद विहार स्थित स्वामी विवेकानंद इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) और डीटीसी के चार डिपो—नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर शामिल हैं।
दिल्ली सरकार की योजना काफी बड़ी है। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक शहर में बसों की कुल संख्या को बढ़ाकर लगभग 14,000 करने का है। इस दिशा में केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने भी मदद की है, जिसने राजधानी में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 382 अतिरिक्त साइटों को मंजूरी दी है। इन सभी कार्यों को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को सौंपी गई है।