दिल्ली में प्रदूषण पर वार: सरकार ने उतारीं 150 नई इलेक्ट्रिक बसें, 5 चार्जिंग स्टेशन भी शुरू

राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शहर की सड़कों पर 150 नई जीरो-इमिशन इलेक्ट्रिक बसें उतार दी गई हैं। इन बसों के आने से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि पर्यावरण को भी राहत मिलेगी। इसी के साथ सरकार ने शहर में पांच नए पब्लिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन भी समर्पित किए हैं।
ये नए चार्जिंग स्टेशन रणनीतिक रूप से स्वामी विवेकानंद ISBT आनंद विहार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के चार प्रमुख डिपो—नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर में लगाए गए हैं। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह विस्तार टिकाऊ और भरोसेमंद मोबिलिटी समाधान प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नई बसें
सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए इन नई बसों में कई हाई-टेक फीचर्स दिए गए हैं। ये सभी बसें लो-फ्लोर और पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड हैं। सुरक्षा के लिहाज से इनमें CCTV कैमरे, पैनिक बटन और रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं। साथ ही, दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। इन 150 बसों के जुड़ने के बाद अब राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 5,238 हो गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए DTC द्वारा संचालित इन पांच नए चार्जिंग स्टेशनों पर एक साथ 26 वाहनों को चार्ज करने की क्षमता है। भारी उद्योग मंत्रालय ने दिल्ली में 382 साइटों को मंजूरी दी है। वर्तमान में दिल्ली में 1,919 चार्जिंग स्टेशन और 9,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स मौजूद हैं, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 32,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली सरकार की यह पूरी मुहिम 'दिल्ली EV पॉलिसी 2026' का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक नए पंजीकृत होने वाले 95% वाहन इलेक्ट्रिक हों। साथ ही, परिवहन नेटवर्क को इतना विस्तार दिया जाएगा कि 2028-29 वित्तीय वर्ष तक बसों की कुल संख्या लगभग 14,000 तक पहुंच जाए।