दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम: सीएम रेखा गुप्ता और भूपेंद्र यादव ने शुरू किए 13 नए एयर क्वालिटी स्टेशन

राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने और प्रदूषण से लड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शहर में 13 नए 'कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स' (CAAQMS) का उद्घाटन किया। इन नए स्टेशनों के जुड़ने से अब दिल्ली में निगरानी नेटवर्क 47 से बढ़कर 60 हो गया है, जिससे हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
ये आधुनिक स्टेशन रीयल-टाइम मौसम और वायु गुणवत्ता का डेटा सीधे CPCB सर्वर और 'SAMEER' मोबाइल ऐप पर भेजेंगे, जिससे आम जनता और प्रशासन को सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने आनंद विहार का दौरा भी किया, जिसे अब प्रदूषण हॉटस्पॉट की सूची से बाहर कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क निर्माण, अतिक्रमण हटाने और निर्माण स्थलों पर सख्ती जैसे उपायों के कारण यहाँ का AQI 30 अगस्त के 430 से घटकर अब 92 पर आ गया है।
AI तकनीक और इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण पर प्रहार
निरीक्षण के दौरान दोनों नेताओं ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के AI-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का जायजा लिया। यह सेंटर रीयल-टाइम डेटा के जरिए औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने जैसी गतिविधियों पर पैनी नजर रखता है।
प्रदूषण कम करने के लिए केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी बदला जा रहा है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं, जिससे कुल बसों की संख्या लगभग 5,238 हो गई है। इसके साथ ही, ISBT आनंद विहार, नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर डिपो में पांच सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए 'मिशन मोड' में काम कर रही है और 24 घंटे AI की मदद से निगरानी की जा रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार के 11-सूत्रीय कार्ययोजना और ई-मोबिलिटी की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।