दिल्ली के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. सचिन कांडपाल का 50 वर्ष की आयु में निधन

दिल्ली के जाने-माने न्यूरोसर्जन और इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रेन एंड स्पाइन (IBS) के प्रबंध निदेशक डॉ. सचिन कांडहारी का 50 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनका निधन 27 सितंबर 2026 को हुआ और उनका अंतिम संस्कार 28 सितंबर 2026 को लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया। उनके इस अचानक निधन से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के चिकित्सा जगत में शोक की लहर है।
चिकित्सा क्षेत्र में योगदान
डॉ. कांडहारी के पास दो दशकों का चिकित्सा अनुभव था और वे रीढ़ की हड्डी की चोट के इलाज तथा न्यूरोमॉड्यूलेशन में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने भारत में न्यूरोसर्जिकल प्रथाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 2017 में पैरापेलिक रोगियों के लिए एपिड्यूरल स्टिम्युलेशन और मूत्राशय व आंत नियंत्रण के लिए फाइनेटेक-ब्रिंडले सेक्रेमल न्यूरोमॉड्यूलेशन तकनीक की शुरुआत की थी। इसके अलावा, उन्होंने 2020 में IBS अस्पताल में साइबरडाइन की हाइब्रिड असिस्टिव लिंब (HAL) प्रणाली पेश की थी।
शोध और परिवार
उन्होंने पक्षाघात के लिए उच्च गर्भाशय ग्रीवा उत्तेजना और कॉर्टिकल उत्तेजना की पहल का नेतृत्व किया तथा रीढ़ की हड्डी की चोट के इलाज पर UCLA के साथ शोध सहयोग बनाए रखा। सहकर्मियों और रोगियों द्वारा उन्हें एक कुशल चिकित्सक और दयालु व्यक्ति के रूप में याद किया गया। उनके परिवार में उनके माता-पिता, उनकी पत्नी डॉ. नेहा शर्मा कांडहारी और उनके बेटे यशवर्धन कांडहारी हैं।