यमुना में लौटा जहरीला सफेद झाग, दिल्ली-NCR की हवा ने भी फिर बढ़ाई चिंता

दिल्ली-NCR में यमुना नदी पर जहरीला सफेद झाग और वायु गुणवत्ता में गिरावट ने बढ़ाई चिंता। जानिए GRAP और प्रदूषण की ताजा स्थिति।

Kittu Kumari25 October 20262 min read0 viewsNCR
यमुना में लौटा जहरीला सफेद झाग, दिल्ली-NCR की हवा ने भी फिर बढ़ाई चिंता

दिल्ली-NCR इस समय एक दोहरी पर्यावरणीय मुसीबत से जूझ रहा है। एक तरफ जहां यमुना नदी का पानी जहरीले सफेद झाग की चादर से ढका नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ हवा की गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर तैरता यह खतरनाक झाग एक बार फिर चर्चा में है, जो शहर के पर्यावरण की गंभीर स्थिति को बयां कर रहा है।

हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति तब सामने आई है जब हाल ही में 22 अक्टूबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नदी के कायाकल्प के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इसके बावजूद, 24 अक्टूबर को नदी में भारी मात्रा में जहरीला झाग देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उपचार के छोड़े जा रहे गंदे पानी, विशेष रूप से फॉस्फेट और सर्फेक्टेंट्स की अधिक मात्रा के कारण कालिंदी कुंज जैसे बैराजों पर यह झाग जमा हो रहा है।

हवा की सेहत: कहीं राहत तो कहीं 'खराब' श्रेणी

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

यमुना के साथ-साथ राजधानी की हवा भी लोगों की सांसें अटका रही है। हालांकि 25 अक्टूबर की सुबह 5 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुधरकर 181 पर पहुंचा और इंडिया गेट के पास यह 155 दर्ज किया गया, लेकिन शहर के कई इलाकों में स्थिति अब भी चिंताजनक है। जहांगीरपुरी (276), पंजाबी बाग (251), नरेला (244), रोहिणी (239) और बवाना (246) जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है।

बता दें कि 24 अक्टूबर को हुई बारिश और पूर्वी हवाओं ने प्रदूषकों को बिखेरने में मदद की, जिससे तीन दिनों तक 'खराब' श्रेणी में रहने के बाद कुछ राहत मिली। लेकिन इस चुनौती से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को GRAP के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया था, क्योंकि AQI 244 तक पहुंच गया था।

GRAP के तहत अब रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है और डीजल जेनरेटर के उपयोग पर भी कड़े प्रतिबंध हैं। प्रशासन इस मामले में सख्ती बरत रहा है; 25 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच 124 निरीक्षण किए गए, जिनमें 55 उल्लंघन पाए गए। इसके परिणामस्वरूप 12 यूनिट्स को सील किया गया और 5 साइटों को बंद करने का प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि 27 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' और 'खराब' के बीच झूलती रहेगी।

Share:

Comments

Leave a comment