Delhi-NCR Weather Update: 31 जुलाई को झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

दिल्ली-NCR के लोगों के लिए मौसम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय बहुत हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
* 31 जुलाई को दिल्ली-NCR में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
* IMD के अनुसार 30 जुलाई से 4 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
* नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ वज्रपात (बिजली चमकने) और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली में कैसा रहेगा तापमान और मौसम का हाल
दिल्ली में पूरे दिन और रात हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आएगी। दिन में बारिश की संभावना 25-35% और रात में 35-60% तक है। IMD की रिपोर्ट (All India Weather Report) के मुताबिक, 30 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं जो 50 किमी प्रति घंटे तक gust कर सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33°C से 35°C और न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C के बीच रहने का अनुमान है।
नोएडा और गाजियाबाद में बारिश और आंधी का अलर्ट
नोएडा में आसमान में बादल छाए रहने और दिन के आखिरी पहर में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ भारी बौछारें भी पड़ सकती हैं जहां 31 जुलाई को बारिश की संभावना 48-64% तक है। नोएडा में अधिकतम तापमान 36°C, न्यूनतम तापमान 29°C और हवा की स्पीड करीब 17 km/h रहेगी। वहीं पड़ोसी गाजियाबाद में भी गर्म, बादल छाए रहने और बारिश वाला दिन रहने का अनुमान है। गाजियाबाद में औसत अधिकतम तापमान लगभग 32°C और रात का तापमान 27°C के आसपास रहने की संभावना है।
humidity और ट्रैफिक को लेकर चेतावनी
NCR में होने वाली इस बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इससे humidity का स्तर काफी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहेगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के चलते नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में पीक आवर्स के दौरान waterlogging (जलभराव) और traffic delays (याचता जाम) की समस्या हो सकती है।