दिल्ली-NCR में बारिश के साथ लौटी ठंड, दिवाली से पहले प्रदूषण से मिली बड़ी राहत

दिल्ली-NCR में बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम बदला। AQI में सुधार हुआ है और दिवाली से पहले फिर बारिश की संभावना है।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ लौटी ठंड, दिवाली से पहले प्रदूषण से मिली बड़ी राहत

दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए मौसम ने एक बड़ा और सुखद मोड़ लिया है। 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर की तड़के हुई मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं ने शहर की हवा को न केवल साफ किया है, बल्कि सर्दियों की दस्तक भी दे दी है। सोमवार, 26 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।

सबसे बड़ी राहत प्रदूषण के मोर्चे पर मिली है। बारिश की वजह से हवा में तैरते प्रदूषक तत्व जमीन पर बैठ गए, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में काफी सुधार देखा गया। 24 अक्टूबर को जो AQI 230 था, वह गिरकर 191 पर आ गया और 'मॉडरेट' श्रेणी में पहुंच गया। 25 अक्टूबर को यह औसत और गिरकर 153 तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में थोड़ी आसानी मिली है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान और प्रदूषण प्लान

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 26 और 27 अक्टूबर को आसमान साफ रहेगा और तापमान 16 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हालांकि, 27 अक्टूबर की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नया 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके चलते 28 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे और 29 व 30 अक्टूबर को फिर से बारिश और गरज-चमक की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस समय बारिश होती है, तो दिवाली से पहले प्रदूषण के स्तर में और भी बड़ी कमी आ सकती है।

दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए अपना विंटर प्लान 2026-27 तैयार कर लिया है, जो 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा। इस योजना के तहत कई कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • वाहनों पर पाबंदी: 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
  • PUC अनिवार्य: 1 नवंबर से 'नो PUC, नो फ्यूल' का नियम सख्ती से लागू होगा।
  • निर्माण कार्य पर रोक: धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर 1 नवंबर से पाबंदी रहेगी, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक होगी।
  • वर्क फ्रॉम होम: प्रदूषण के चरम स्तर पर पहुंचने पर ऑफिसों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

फिलहाल, 21 अक्टूबर से GRAP के पहले चरण (Stage 1) के उपाय लागू हैं। सरकार और पर्यावरण मंत्रालय की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि त्योहारों के समय हवा की गुणवत्ता को नियंत्रण में रखा जा सके।

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