दिल्ली-NCR में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर, मौसम के साथ AQI में भी उतार-चढ़ाव
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण दिल्ली-NCR के मौसम और वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव। जानें बारिश की संभावना और AQI का ताजा अपडेट।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इन दिनों मौसम के मिजाज और हवा की गुणवत्ता, दोनों में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने की वजह से दिल्ली-NCR के मौसम और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। जहां एक तरफ तेज हवाओं ने प्रदूषण को कुछ हद तक कम करने में मदद की, वहीं कई इलाकों में हवा अब भी सेहत के लिए खतरनाक बनी हुई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गुणवत्ता की बात करें तो दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग हालात हैं। कुछ क्षेत्रों में AQI 191 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है, लेकिन अलीपुर में यह 258 और पूसा में 324 तक पहुंच गया, जिससे वहां की हवा 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। कुछ मॉनिटर्स पर तो AQI 304 तक देखा गया, जिसमें PM2.5 का स्तर 108 µg/m³ और PM10 का स्तर 251 µg/m³ रहा।
आने वाले दिनों में बारिश और तापमान का अनुमान
प्रदूषण की स्थिति को लेकर CPCB ने चेतावनी दी है कि अगले नौ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। वहीं, मौसम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जिसमें राजस्थान और हरियाणा के इलाके शामिल हैं। हालांकि 24 अक्टूबर को दिल्ली में मौसम साफ रहने की उम्मीद थी, लेकिन एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।
इस सिस्टम के कारण दिल्ली-NCR के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70-75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि 29 अक्टूबर को बारिश होने की 65-70% संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो अगले तीन दिनों तक इसमें 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद तापमान में फिर से गिरावट आएगी।
बदलते मौसम और प्रदूषण के स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस की तकलीफ वाले लोगों को बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने और बाहरी गतिविधियों को कम करने की सलाह दी गई है।