भारी बारिश से दिल्ली-NCR में जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम, IMD ने जारी किया Yellow Alert

6 अगस्त 2026 को हुई भारी मानसून बारिश ने दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में भारी तबाही मचाई, जिसके कारण व्यापक जलभराव और गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। अरुणा आसफ अली मार्ग, धौला कुआं, कालिंदी कुंज और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के हिस्सों जैसे मुख्य मार्ग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए। ITO, मंडी हाउस, DND फ्लाईवे (जहां 3-4 किलोमीटर लंबा जाम देखा गया), राजीव चौक और लाल किले के पास के इलाकों से भारी पानी जमा होने और जाम की सूचना मिली। शास्त्री पार्क में दुकानें भी पानी में डूब गईं। पड़ोसी गुरुग्राम में भी ऐसी ही समस्याएं सामने आईं, जहां जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी।
IMD का अलर्ट और ट्रैफिक एडवाइजरी
लगातार हो रही बारिश के जवाब में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 के लिए दिल्ली-NCR में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए Yellow Alert जारी किया। दिल्ली के लिए एक Orange Alert भी जारी किया गया, जिसमें गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। IMD ने 10 अगस्त तक लगातार हल्की से मध्यम और संभावित रूप से भारी बारिश का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गुरुग्राम पुलिस ने कंपनियों से "Work From Home" पॉलिसी लागू करने और निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने और सुचारू बनाने के लिए Delhi Traffic Police के कर्मियों को पूरे शहर में तैनात किया गया है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रैफिक अपडेट देखें, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और सावधानी बरतें।
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा
जलभराव की बार-बार होने वाली समस्या का समाधान करने के लिए, PWD मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में एक 'Union Territory Level Coordination Committee' की बैठक हुई, जिसमें स्थायी समाधानों पर चर्चा की गई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को आवश्यक इंजीनियरिंग बदलाव लागू करने और सड़क परियोजनाओं तथा ड्रेनेज के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी के बुनियादी ढांचे और दैनिक जीवन पर भविष्य की भारी बारिश की घटनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए, दिल्ली की सड़कों को फिर से डिजाइन करने और UER-II से द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की योजना पर भी काम चल रहा है।