Delhi-NCR में गाड़ी के प्रदूषण से बच्चों को Asthma, सरकार लाई धांसू Action Plan

दिल्ली-NCR में गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है। एक नई रिपोर्ट के सामने आने के बाद सरकार हरकत में आ गई है और प्रदूषण से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट और नए एक्शन प्लान से जुड़ी खास बातें:
* दिल्ली-NCR में बच्चों के बचपन के अस्थमा (Childhood Asthma) के 23% मामलों के पीछे गाड़ियों का प्रदूषण जिम्मेदार है।
* ICCT की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में NCR में 3,500 नए बच्चों में अस्थमा के मामले और 8,100 समय से पहले मौतें दर्ज हुईं, जिसमें अकेले दिल्ली में 1,500 नए अस्थमा केस और 2,800 मौतें शामिल हैं।
* भारी वाहनों (Heavy-duty vehicles) से 79% नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और 64% PM2.5 का प्रदूषण फैल रहा है।
* इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने Air Pollution Mitigation Action Plan 2026 लॉन्च किया है, जिसका मकसद ज़ीरो-इमिशन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है।
ICCT Study: क्या कहती है रिपोर्ट और प्रदूषण का हाल
International Council on Clean Transportation (ICCT) की नई स्टडी जिसका शीर्षक "Health benefits of zero-emission transport through 2050" है, के अनुसार देश भर में रोड ट्रांसपोर्ट के प्रदूषण से 2024 में करीब 90,000 लोगों की समय से पहले मौत हुई और 15,300 नए बच्चों में अस्थमा के केस सामने आए। दिल्ली-NCR की आबादी देश का सिर्फ 5% है, लेकिन यहां देश के कुल रोड ट्रांसपोर्ट वाले बच्चों के अस्थमा के मामले लगभग एक चौथाई हैं। ICCT की सीनियर रिसर्चर लिंगझी जिन (Lingzhi Jin) ने बताया कि NCR जैसे ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में बच्चों और लोगों की सेहत बचाने के लिए ज़ीरो-इमिशन गाड़ियां लाना बेहद जरूरी हो गया है।
Delhi Government Action Plan: सरकार के नए नियम और EV पॉलिसी
बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। 1 जुलाई 2026 से नई पॉलिसी लाई गई है जिसके तहत 2027 तक रजिस्टर्ड होने वाली ज्यादातर नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक (EV) होंगी। इसके अलावा, 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में सिर्फ BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों (Goods vehicles) को ही एंट्री मिलेगी। सड़कों पर "No Pollution Under Control Certificate, No Fuel" नियम को Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों की मदद से सख्ती से लागू किया जा रहा है।
Public Transport और EV Charging: चार्जिंग पॉइंट्स और बसों का विस्तार
सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए भी तेजी से काम कर रही है। साल 2028-29 तक सार्वजनिक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने का प्लान है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों पर खास जोर दिया जाएगा। अगले चार सालों में 32,000 EV चार्जिंग पॉइंट्स भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, Commission for Air Quality Management (CAQM) ने "Red" कैटेगरी की फैक्ट्रियों के लिए भी प्रदूषण के नियमों को और सख्त कर दिया है। वसुधा फाउंडेशन के जयदीप सारस्वत (Jaideep Saraswat) ने दिल्ली की इस नई EV पॉलिसी की तारीफ करते हुए इसे सबसे महत्वाकांक्षी बताया है, वहीं एनर्जी एनालिस्ट रुचिता शाह (Ruchita Shah) ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में दिल्ली की कुल नई गाड़ियों की बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 12.7% रही जो राष्ट्रीय औसत 8.3% से ज्यादा है।