दिल्ली-NCR में बड़ा रेल व्यवधान: विरोध प्रदर्शन के चलते 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द

अगर आप आने वाले दिनों में दिल्ली या उसके आसपास के इलाकों में रेल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा कारणों से दिल्ली-NCR क्षेत्र में दिल्ली ट्रेन कैंसलेशन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भारतीय रेलवे ने 9 और 10 अक्टूबर, 2026 को 250 से अधिक ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है।
नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, अकेले 10 अक्टूबर को 170 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इसके अलावा, गाजियाबाद स्टेशन से सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 9 ट्रेनों का संचालन या तो वहीं से शुरू होगा या वहीं खत्म होगा। प्रशासन का कहना है कि नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम और परिचालन संबंधी दिक्कतों की आशंका है, जिसके कारण यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
प्रीमियम ट्रेनों से लेकर लोकल MEMU तक सब प्रभावित
इस फैसले की मार सिर्फ आम यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि प्रीमियम सेवाओं पर भी पड़ी है। राजधानी, शताब्दी, हमसफर, गरीब रथ और तेजस एक्सप्रेस जैसी हाई-प्रोफाइल ट्रेनों को भी रद्द या रीशेड्यूल किया गया है। वहीं, जाल eser रोड MEMU और अलीगढ़-दिल्ली कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण रूट पूरी तरह प्रभावित हैं। ट्रेन नंबर 64151, 64101, 64103 और 64105 जैसी MEMU ट्रेनें 9 और 10 अक्टूबर दोनों दिन नहीं चलेंगी। साथ ही, 10 अक्टूबर को हाथरस किला-दिल्ली MEMU (64581) भी रद्द रहेगी।
सुरक्षा के इंतजामों की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति नहीं दी है क्योंकि आवेदन देरी से आया था। संवेदनशील इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और BSF के करीब 38,000 जवानों को तैनात किया गया है।
रेलवे के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने भी एहतियात बरतते हुए 45 स्टेशनों के गेट बंद कर दिए हैं, हालांकि इंटरचेंज सुविधाएं चालू रहेंगी (नई दिल्ली स्टेशन को छोड़कर)। इस पूरी स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों को कम किया जाए ताकि आम जनता को ज्यादा परेशानी न हो।
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीतdeepcopy ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की आलोचना करते हुए इसे 'आधिकारिक आपातकाल' करार दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के कारण यात्री काफी परेशान हैं; कई लोगों के टिकट रिफंड अटक गए हैं, फ्लाइट कनेक्शन छूट रहे हैं और ट्रैवल पैकेज रद्द होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।