कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-NCR के स्कूल बंद, ट्रैफिक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली-NCR में चल रही Kanwar Yatra के कारण स्कूलों में लंबे अवकाश घोषित किए गए हैं। अधिकारियों ने परिवारों को इस छुट्टी के समय का उपयोग स्थानीय जगहों पर घूमने और बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए प्रोत्साहित किया है, जो कि क्षेत्र में जारी भारी ट्रैफिक और पब्लिक एडवाइजरी के बीच आया है।
गाजियाबाद और मेरठ में स्कूलों की लंबी छुट्टियां
स्कूलों का यह बंद होना नेशनल कैपिटल रीजन में व्यापक स्तर पर है। District Magistrate के निर्देशों के बाद गाजियाबाद में प्री-शेड्यूल परीक्षाओं को छोड़कर सभी स्कूल और कॉलेज 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक बंद रहेंगे। यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कांवड़ियों की भारी भीड़ को प्रबंधित करने के लिए लिया गया है। इसी तरह, मेरठ में भी क्षेत्रीय प्रभाव को देखते हुए सभी स्कूल और कॉलेज 3 अगस्त से 10 अगस्त तक बंद किए गए हैं।
दिल्ली-NCR में ट्रैफिक और रूट डायवर्जन
यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों और परिवारों को दिल्ली-NCR में लागू महत्वपूर्ण traffic restrictions and diversions का ध्यान रखना होगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की ओर जाने वाले भारी माल वाहकों पर रोक लगाते हुए 3 अगस्त 2026 को एडवाइजरी जारी की है, जिसका असर NH-44, आउटर रिंग रोड और वजीराबाद रोड जैसे मार्गों पर पड़ेगा। जीटी रोड अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक आम ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और मुजफ्फरनगर में गंगा कैनाल रोड 4 अगस्त से 12 अगस्त तक सभी वाहनों के लिए प्रतिबंधित हैं, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का यूपी हिस्सा भी 7 अगस्त से 12 अगस्त तक आंशिक रूप से बंद रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय लोगों की चिंताएं
ये कदम दिल्ली पुलिस द्वारा कांवड़ियों की शांतिपूर्ण आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं, जिसमें व्यापक CCTV monitoring और कांवड़ संरचनाओं के लिए ऊंचाई के प्रतिबंध शामिल हैं। हालांकि इन उपायों का उद्देश्य सुरक्षा है, लेकिन ग्रेटर कैलाश और लाजपत नगर जैसे क्षेत्रों में देर रात की रैलियों के कारण बढ़े हुए शोर और ट्रैफिक जाम को लेकर निवासियों ने चिंता जताई है, जो इस अवधि के दौरान प्लान्ड ट्रैवल की आवश्यकता पर जोर देता है।